
These four-wheelers in high demand (फोटो सोर्स : पत्रिका)
MP News: राजधानी भोपाल में नवरात्र से लेकर अब चारपहिया वाहनों की बिक्री का नया रेकॉर्ड बना है। अभी धनतेरस और दिवाली बाकी है। कारो के दाम एक लाख तक कम हुए है। इसलिए खूब गाडियां बिक रही है। पेट्रोल, डीजल, हाईब्रिड या सीएनजी ईवी सभी तरह की गाड़ियों के दीवाने भोपाल में मौजूद हैं। हालांकि, भले ही देश-दुनिया में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की धूम है, लेकिन भोपालवालों का भरोसा अब भी पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों पर ज्यादा है। जबकि यूथ की पहली पसंद हाईब्रिड कारें हैं। उनके लिए रनिंग कास्ट नहीं बल्कि लॉग ड्राइव के हिसाब से कार चाहिए। दशहरा-नवरात्रि में भोपाल में जमकर गाड़ियां बिकी।
पिछले साल अक्टूबर 2024 में पेट्रोल-डीजल के सर्वाधिक चार हजार से ज्यादा वाहन बिके थे। इस साल अक्टूबर में अब तक कुल 1103 पेट्रोल-डीजल कारों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। करीब 3300 से ज्यादा वाहन अभी रजिस्ट्रेशन की कतार में हैं। दिवाली का त्योहार बीतने तक इस बार पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की बिक्री का आंकड़ा 5000 के पार पहुंच जाएगा।
भोपाल शहर में सीएनजी के महज चार पेट्रोल पंप हैं। इन फिलिंग सेंटर में लंबी कतारें लगती हैं। एलपीजी फिलिंग सेंटर वो एलपीजी पंप शहर में गिनती के दो हैं। एक गौतम नगर एवं दूसरा पिपलानी के आखिरी छोर पर है।
ईवी चार्जिंग सेंटरः शहर में ईवी के सार्वजनिक चार्जिंग पाइंट अब भी आधा दर्जन से कम हैं। 95 फीसदी लोग घरों पर ही वाहन चार्ज करते हैं।
शहर में 95 पेट्रोल-डीजल पंप हैं। न्यू जनरेशन की पसंद के हिसाब से पेट्रोल-डीजल मॉडल हाइब्रिड और एक्स्ट्रा यूटिलिटी व्हीकल में कन्वर्ट हो रहे हैं जबकि पुराने वाहनों का फेसलिफ्ट वर्जन आ चुका है। ये युवाओं को काफी पसंद है। अब तो 6 से 8 एयरबैग वाले मॉडल भी बाजार में हैं। डबल फ्यूल परफॉर्मेंस सुविधाएं भी हैं फिर भी 40 की उम्र के बाद वालों की पहली पसंद अब भी डीजल और पेट्रोल की परपंरागत कारें बनी हुई हैं।
पेट्रोल कार पावर और माइलेज में बेहतर होती हैं। पिकअप जबरदस्त होता है। अन्य गाड़ियों के मुकाबले कीमत कम। पेट्रोल पंप हर जगह आसानी से मिल जाता है। विक्कत सिर्फ महंगे पेट्रोल को लेकर है।
डीजल कार
डीजल कारें इसलिए बिकती हैं क्योंकि डीजल की कीमत पेट्रोल से कम है। यह माइलेज भी अच्छा देती हैं। डीजल हर पेट्रोल पंप पर मिल जाता है। लेकिन, दिक्कत ये है पेट्रोल कारों के मुकाबले महंगी हैं। मेंटेनेंस भी ज्यादा महंगा है।
सीएनजी. पेट्रोल और डीजल से सस्ती है। सीएनजी गाड़ियों का माइलेज ज्यादा है। ये कार सस्ती है। प्रदूषण कम करती हैं। दिक्कत यही है हर जगह सीएनजी नहीं मिलता। और सीएनजी सिलेंडर बूट के कारण डिग्गी में सामान कम आता है।
इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी पॉपुलर हो रही हैं। ये बिजली से चलती हैं। मेंटेनेंस कम है। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत यह है चार्जिंग स्टेशन हर जगह मौजूद नहीं हैं। लॉन्ग ट्रिप्स नहीं हो पाती। चार्जिंग में भी समय लगता है। अभी इवी महंगी भी हैं।
हाइब्रिड कार में इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों होती है। ये बिजली और पेट्रोल पर चलती हैं। माइलेज अन्य गाड्यों के मुकाबले ज्यादा होता है. लेकिन इनकी कीमत भी थोड़ी ज्यावा होती है और यह ज्यादा मेंटेनेंस भी मांगती हैं।
Updated on:
15 Oct 2025 08:28 am
Published on:
15 Oct 2025 08:28 am
