
भोपाल। कोरोना वायरस लगातार अपने पैर पसारता जा रहा है। मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 4700 के पार पहुंच चुका है। वहीं इसके रोकथाम के लिए भी कई इंतजाम किये जा रहे हैं। खासकर लोगों की इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए कई उपाय डॉक्टर्स द्वारा सुझाए जा रहे हैं। हालांकि कोरोना के कारगार इलाज को लेकर सभी जगहों पर प्रयोग किए जा रहे हैं और दवाओं की लगातार टेस्टिंग भी की जा रही है।
डॉक्टर्स द्वारा किए जा रहे प्रयोगों में से एक आयुर्वेदिक दवा की इस समय काफी चर्चा की जा रही है। इस आयुर्वेदिक दवा का नाम 'फिफाट्रोल' है। डॉक्टर्स के मुताबिक यह दवा मानव शरीर में इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए की जाती है। यह दवा व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। इस दवा को संक्रमण से लड़ने वाली दवाओं में शामिल किया गया है। आइए जानते हैं कैसे काम करती है ये दवा...
दरअसल, राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम 'कॉम्पेंडियम ऑफ इंडियन टेक्नॉलॉजी फॉर कॉम्बिंग कोविड-19 (ट्रेसिंग, टेस्टिंग एंड ट्रीटिंग) की ओर से संकलित सूची में स्वदेशी रूप से विकसित तकनीकों में चल रहे शोध की गतिविधियों और वायरल संक्रमण से निपटने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की स्थिति को बताया गया, जिसमें फिफाट्रोल को भी संक्रमण से लड़ने की दवाओं में शामिल किया गया है।
जड़ी-बूटियों के संयोजन से बनी है फिफाट्रोल (Fifatrol)
यह दवा आयुर्वेदिक दवा है, जो कि प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह काम करती है। इस दवा से वायरल संक्रमण, फ्लू और दर्द से लड़ने में मदद मिलती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस दवा में कई जड़ी बूटियों का एक बहु-दवा संयोजन है। इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए यह बहुत ही कारगार दवा बताई जा रही है। फिफाट्रोल को वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो यह मान्य वनस्पति अर्क और सूक्ष्म पोषक तत्वों से समृद्ध यह दवा नाक बंद होने, गले में खराश, बदन दर्द और सिर दर्द जैसी समस्याओं में आराम दिलाने में काफी मददगार साबित होती है।
कोरोना के प्रभावों को कम करेगी फिफाट्रोल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह दवा कोरोना वायरस के प्रभावों को कम करने में काफी मददगार साबित होगी। इसके अलावा संक्रमित लोग इस दवा की मदद से जल्दी ठीक होंगे। कुछ ही दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आयुष मंत्रालय की ओर से दी जा रही सलाह और सुझावों पर अमल करने की बात कही थी। प्रधानमंत्री ने आयुर्वेद के फायदों पर चर्चा करते हुए उन्हें अपनाने की सलाह दी थी।
तुलसी, गुडुची, चिरयता आदि से बनाई गई है दवा
यह दवा गुडुची, चिरयता, करंजा, कुटकी, तुलसी, संजीवनी घनवती, दारुहरिद्रा, अपामार्ग, गोदंती (भस्म), मृत्युंजय रस, संजीवनी वटी, जैसी प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने वाली जड़ी बूटियों से बनी है।
Published on:
16 May 2020 04:05 pm
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