
धार. यह देश के सबसे खतरनाक घाटों में से एक है. अभी तक यहां हजारों हादसे हो चुके हैं जिनमें 400 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. हम बात कर रहे हैं आगरा मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित खलघाट की जिसके पास सोमवार को हुए बस एक्सीडेंट में 12 लोगों की जानें गईं. हकीकत तो यह है कि खलघाट में जानलेवा हादसों का पुराना इतिहास है. राऊ खलघाट फोरलेन पर गणपति घाट से गुजरते समय वाहन चालक डरते हुए ही आगे बढ़ते हैं.
यहां पिछले 14 सालों में 3 हजार से ज्यादा दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. इन दुर्घटनाओं में 410 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. दरअसल इस घाट पर जबर्दस्त ढलान है जिसके कारण अधिक दुर्घटनाएं होती हैं. फोर लेन के निर्माण के दौरान गणपति घाट के दो किमी के हिस्से में तकनीकी खामी आ गई. विशेषज्ञों के मुताबिक घाट का ढलान ज्यादा है. पहले सड़क संकरी मगर घुमावदार थी. इसे सीधा करने की कोशिश में पहाड़ी को और काट दिया गया जिसस ढलान बढ़ गई.
घाट से उतरते समय वाहनों के चालक के ब्रेक लगाते ही ब्रेक लाइनर्स फंस जाते हैं. इससे वाहन बेकाबू होकर आगे बढ़ रहे वाहनों से टकरा जाते हैं. कभी-कभी डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में चले जाते हैं. ढलान अधिक होने के कारण चालक ट्रक को न्यूट्रल में चलाने लगता है. इससे डीजल तो बचता है, लेकिन इसमें वाहनों के ब्रेक भी फेल हो जाते हैं. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड और रेलिंग भी बनाए हैं.
लोहे की छड़ों के बीच जगह होने के कारण वाहन चालक दूसरी लेन में पहुंच जाते हैं- सड़क के बीच में लोहे की छड़ों के बीच जगह होने के कारण वाहन चालक दूसरी लेन में पहुंच जाते हैं. छोटे वाहन जहां भारी वाहनों की लेन से गुजरते हैं, जबकि बड़े वाहन छोटे वाहनों की लेन में प्रवेश करते हैं. ये भी हादसे का कारण बन रहे हैं.
Published on:
20 Jul 2022 08:28 pm

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