
ganesh chaturthi
भोपाल। पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देने के उद््देश्य से ओमेक्स लिमिटेड ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणेश की एन्वायरमेंट फ्रैंडली प्रतिमाएं तैयार की हैं। ये गणेश प्रतिमाएं शुद्ध रूप से चॉकलेट से बनी हैं और पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। परंपरागत रूप से जो गणेश प्रतिमाएं बनाई जाती हैं वे प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी होती हैं और जब इनको पानी में विसर्जित किया जाता है तो उनसे हानिकारक रसायन निकलकर पानी को प्रदूषित करता है। वहीं, चॉकलेट से बनी गणेश प्रतिमाएं पूरी तरह से ईको-फ्रैंडली होती हैं और पर्यावरण संरक्षण में मदद करती हैं। इन प्रतिमाओं का पानी में विसर्जन परंपरागत तरीके से किया जा सकता है वहीं वैकल्पिक रूप से, इसका विसर्जन 5 से 10 किलोग्राम दूध में भी किया जा सकता है। दूध में इस प्रतिमा का विसर्जन होने से थोड़ी देर में यह चॉकलेट की मूर्ति पिघलकर चॉकलेट मिल्क बन जाती है। इस चॉकलेट मिल्क का विसर्जन सोसायटी में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर ब'चों में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। ओमेक्स ने अपने भोपाल, लखनऊ, फरीदाबाद और चंडीगढ़ सहित विभिन्न ऑफिस और साइट्स पर इन ईको-फ्रैंडली गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की है।
नई पीढ़ी को परम्परा से जोडऩे का इनोवेटिव आइडिया है चॉकलेट गणेश
ओमेक्स लिमिटेड के सीईओ मोहित गोयल बताते हैं कि एन्वायरमेंट फ्रैंडली होने के अलावा चॉकलेट गणेश ब'चों को बहुत पसंद आएंगे। यह ब'चों और बड़ों को गणेश पूजा में भाग लेने के लिए प्रेरित करने का एक प्रयास भी है। सदियों से चली आ रही गणेश विसर्जन की परंपरा को जीवित रखने और नई पीढ़ी को इसमें शामिल करने के लिए हमें इनोवेटिव आइडियाज अपनाने होंगे और चॉकलेट गणेश इसी दिशा में एक प्रयास है। यह चॉकलेट गणेश प्रतिमा ग्रेटर नोएडा में देश के सबसे बड़े थीम पार्क का संचालन करने वाली ओमेक्स की सब्सिडियरी कंपनी ओह-मैक्स एंटरटेन्मेंट प्रा. लिमिटेड ने तैयार की है। चॉकलेट की यह गणेश प्रतिमा करीब 8 इंच ऊंची और 6 इंच मोटी है, जिसका वजन करीब 1.4 किलोग्राम है।
Published on:
19 Sept 2018 06:48 pm
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