
भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे जोन के अधिकारियों की चालाकी आखिरकर रेलवे बोर्ड के सामने नहीं चल सकी। बोर्ड ने पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर मुख्यालय से अधिकारियों द्वारा बताए गए तथाकथित बीमार सैलून भी वापस मांग लिए हैं। बता दें पत्रिका ने 23 अक्टूबर के अपने अंक में अधिकारियों की इस चालाकी से जुड़ी खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद बोर्ड ने इस संबंध में आदेश जारी किए थे।
उल्लेखनीय है कि रेलवे बोर्ड ने 14 अक्टूबर को जोन से 04 सैलून वापस बुलाने के आदेश जारी किए थे, लेकिन केवल एक सैलून को वापस भेजा गया था। रेलवे के अधिकारियों ने तीन सैलून को सिक बताकर रोक लिया था।
पत्रिका में समाचार व डॉट कॉम में प्रकाशित होने के बाद बोर्ड को इस बात की जानकारी मिली तो बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से नया आदेश जारी कर अधिकारियों को ये बीमार सैलून भी वापस भेजने के आदेश दिए। जिन्हें एक दिन पहले ही वापस बोर्ड को भेज दिया गया है।
दरअसल चेयरमैन रेलवे बोर्ड अश्विनी लोहनी ने सभी जोन के जीएम को आदेश दिया हैं कि अब जोन में सिर्फ दो सैलून होंगे। अफसर जरूरी काम से आने पर ही इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। जबकि अन्य सैलूनों को तोड़ दिया जाएगा। इसके साथ ही यदि अफसर दौरे पर जा रहे हैं तो उन्हें ट्रेन के एसी और स्लीपर कोच में सफर करना होगा।
इस दौरान यात्रियों से रेल सेवा को लेकर फीड बैक भी लेना होगा। जानकारी के मुताबिक पश्चिम मध्य रेलवे जोन में कुल 16 सैलून है। जिसमें 2 भोपाल रेल मंडल और 2 सैलून कोटा डिवीजन में है। जबकि 12 सैलून जबलपुर में थे। इनमें से जबलपुर डिवीजन से बोर्ड ने चौर सैलनू वापस मांगे थे।
बोर्ड द्वारा मांगे गए सभी 4 सैलून भेज दिए गए हैं। एक सैलून पहले भेज दिया गया था और तीन को अभी भेजा गया है।
- गुंजन गुप्ता, सीपीआरओ, पमरे
Published on:
28 Oct 2017 12:26 pm
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