
रहवासी बोले- दिन ढलने के बाद लोगों की आवाजाही पर लगे रोक
भोपाल/कोलार. भले ही मौसम में ठंडक बढ़ गई हो, लेकिन डेंगू का खतरा अभी टला नहीं है। ऐसा चिकित्सकों का मानना है कि यदि घरों में या आसपास जलभराव है तो डेंगू का लार्वा वहां हो सकता है। इसलिए डेंगू के प्रति सचेत करना ही इसके नियंत्रण में सबसे बड़ा कारगर उपाय हो सकता है।
कई वर्षों से राजधानी डेंगू के डंक से त्रस्त है। इस साल तो डेंगू व चिकनगुनिया के मामले इतने अधिक पाए गए कि पिछले दस वर्षों का रिकॉर्ड की टूट गया। मंत्री ने भी मोर्चा संभाला और शहर का निरीक्षण कर प्रशासन व नगर निगम के अधिकारियों को इस स्थिति पर नियंत्रण पाने के निर्देश् दिए। चिंतित प्रशासन ने डेंगू/चिकनगुनिया पर जल्द नियंत्रण पाने के हरसंभ्व प्रयास शुरू किए।
इसके तहत अस्पतालों ने इंटर्न डॉक्टर्स की टीम बनाकर उन्हें शहर के अलग-अलग हिस्सों में भेजना शुरू किया, जिससे लोगों में जागरुकता फैलाई जा सके और रोग पर नियंत्रण हो सके। इसी क्रम में जेके हॉस्पिटल और पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान ने इंटर्न डॉक्टर्स की टीमें शहर के विभिन्न इलाकों में सक्रिय कर दी हैं।
गुरुवार को डेंगू नियंत्रण टीम को पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान के प्रिंसिपल एवं सीईओ डॉ. उमेश शुक्ला, डिप्टी सीएमएस डॉ. एचपी शर्मा, कार्यालय प्रभारी शिवेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. राजेश मेश्राम, संतोष सिंह, स्टूडेंट्स व स्टाफ ने रवाना किया। डिप्टी सीएमएस डॉ. एचपी शर्मा ने बताया कि लोगों में वितरित करने के लिए हजारों पत्रक भी छपवाकर बांटे जा रहे हैं, जिनमें डेंगू से बचाव व रोकथाम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं।
Published on:
29 Nov 2019 07:53 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
