जानिये साल 2020 में सूर्य व चंद्रमा की गति, और कब-कब पड़ेंगे ग्रहण

साल 2020 में 4 चंद्र ग्रहण Lunar eclipse साथ ही 2 सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2020) ...

भोपाल। नया साल शुरू हुए एक सप्ताह का दिन बीत चुका है, ऐसे में हर कोई साल सूर्य व चंद्र की गति का जानना चाहता हैं। एक ओर जहां इनकी गति ज्योतिष के हिसाब से आपके जीवन का प्रभावित करती हैं। वहीं इन्हीं के चलते सूर्यग्रहण व चंद्रग्रहण की स्थिति भी उत्पन्न होती है।

साल 2020 के ग्रहण...
साल का पहला चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse 2020) 10 जनवरी (10 January 2020) को लगने जा रहा है। ये उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। जो भारत समेत यूरोप, एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के कुछ इलाकों में देखा जा सकेगा। इसके अलावा साल 2020 में 3 और चंद्र ग्रहण साथ ही 2 सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2020) भी पड़ेंगे। विज्ञान प्रसारक सारिका घारू केे अनुसार साल 2020 मेें 4 चंंद्रग्रहण व सूर्य ग्रहण पडेंगे।

साल 2020 में सूर्य चंद्र की गति व कब-कब लगेगा सूर्य और चंद्र ग्रहण, क्या है समय और तारीख ( Eclipse 2020 In India Date And Time ) -

1) 10 जनवरी : खंडग्रास चंद्रग्रहण
ग्रहण का टाइम: रात 10:37 से 11 जनवरी को 2:42 तक
कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण: भारत, अफ्रीक, एशिया, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया

2) 21 जनवरी : कंजेक्शन आॅफ चंद्र व मंगल

3) 28 जनवरी : कंजेक्शन आॅफ चंद्र व शुक्र

4) 09 फरवरी : सुपर मून

5) 20 फरवरी : कंजक्शन आॅफ चंद्र व बृहस्पति

6) 09 मार्च : सुपर मून

7) 19 मार्च : कंजक्शन आॅफ चंद्र व शनि

8) 08 अप्रैल : सुपर मून

9) 07 मई : सुपर मून

10) 05 जून : खंडग्रास चंद्रग्रहण-साल का दूसरा चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण का समय: रात को 11:15 से 6 जून को 2:34 तक
कहां कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण: भारत, अफ्रीक, एशिया, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया

11) 21 जून : वलयाकार सूर्यग्रहण - पहला सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण का समय: सुबह 9:15 से दोपहर 3:04 तक. पूर्व ग्रहण (Full Eclipse) सुबह 10:17 से 2.02 तक होगा. वहीं 12:10 पर ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव (Maximum Eclipse) होगा।
कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण: भारत, एशिया और दक्षिण पूर्व यूरोप

12) 04 जुलाई : पृथ्वी सूर्य से सबसे अधिक दूर

13) 05 जुलाई : खंडग्रास चंद्रग्रहण (यह भारत में नहीं दिखेगा)
ग्रहण का समय: सुबह 08:37 से 11:22 तक
कहां कहां दिखेगा ग्रहण: दक्षिण पूर्व यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका

14) 14 जुलाई : पृथ्वी के ठीक पीछे बृहस्पति

15) 21 जुलाई : पृथ्वी के ठीक पीछे शनि

16) 13 अगस्त : शुक्र का आधा ही भाग चमकेगा

17) 14 अक्टूबर : पृथ्वी के ठीक पीछे मंगल

18) 30 नवंबर : खंडग्रास चंद्रग्रहण
ग्रहण का समय: दोपहर को 1:02 से शुरू होगा और शाम 5:23 तक
कहां-कहां दिखेगा ग्रहण: भारत, प्रशांत महासागर, एशिया, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया

19) 14 दिसंबर : पूर्ण सूर्यग्रहण (यह भारत में नहीं दिखेगा) मणिदार उल्का बौछार - साल का आखिरी सूर्यग्रहण
ग्रहण का समय: शाम को 7:03 मिनट से 15 दिसंबर को 12 बजे तक
कहां-कहां दिखेगा सूर्यग्रहण: यह ग्रहण इसे प्रशांत महासागर में देखा जा सकेगा।

20) 21 दिसंबर : सौरमंडल के दो सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति व शनि इस दिन की ठंड से भरी शाम को गर्मजोशी के साथ मिलते दिखाई देंगे।

ग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताएं :
पौराणिक कथाओं अनुसार चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण राहु केतु के कारण होता है। ऐसा माना जाता है कि राहु केतु सूर्य और चंद्र को अपना दुश्मन मानते हैं जिस कारण कभी कभार ये अमावस्या के दिन सूर्य का तो पूर्णिमा के दिन चांद का ग्रास कर लेते हैं। जिस कारण ये ग्रहण की घटना घटित होती है।

मान्यता है कि ग्रहण के समय भोजन न तो पकाना चाहिए और न ही खाना। इस दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य और पूजा पाठ का काम नहीं करना चाहिए। खासकर गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में अपना खास ध्यान रखना चाहिए। भूलकर भी प्रेगनेंट महिलाओं को सूतक काल लगते ही किसी भी धारदार वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए और न ही घर से बाहर निकलना चाहिए।

ग्रहण का सूतक काल...
ज्ञात हो कि ग्रहण शुरू होने के 12 घंटे पहले और ग्रहण पूरा होने के 12 घंटे के बाद तक का समय ग्रहण सूतक काल कहलाता है।

Show More
दीपेश तिवारी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned