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सर्दियों में ऐसे करें अपनी त्वचा की देखभाल, बढ़ेगा आपका निखार

इस मौसम में त्वचा के सूखने सहित कई परेशानियां आती हैं। ऐसे में त्वचा का अच्छे से उपचार करना जरूरी होता है, ताकि कि वह मुलायम और दमकती हुई रहे।

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भोपाल। सर्दी यानि ठंड के मौसम में त्वचा को अतिरिक्त देखभाल की ज़रुरत होती है। इसका कारण यह है कि इस मौसम में त्वचा काफी सूख जाती है। ऐसे में त्वचा का अच्छे से उपचार करना जरूरी होता है, ताकि कि वह मुलायम और दमकती हुई रहे। सर्दी के मौसम में में त्वचा की देखभाल करने के लिए कुछ आवश्यक नुस्खे हैं, जिन्हें अजमाने से आप की इस मौसम में भी त्वचा सुंदर व दमकती रहेगी।

सर्दी के मौसम में भी हर कोई अपने होंठों, त्वचा, बाल तथा पैरों की पूरी देखभाल करना चाहता है। ठण्ड का समय ऐसा होता है जब आप अच्छे से खाते हैं, अच्छे से सोते हैं तथा आपका स्वास्थ्य भी काफी अच्छा हो जाता है। फिर भी मौसम की मार से आपकी त्वचा और अन्य भागों पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

इसके अलावा सर्दी/ठण्ड के मौसम में महिलाओं को त्वचा से सम्बंधित व मेकअप से सम्बंधित कई समस्याएं पेश आती हैं। इन समस्याओं में प्रमुख है त्वचा का सूखना और फटना। इस मौसम में सौंदर्य सम्बन्धी समस्याएं भी काफी होती हैं, जैसे सूखे बाल,फटे होंठ,फटी एडिय़ां व बालों की अन्य समस्याएं। इस संबंध में डायटिशियन अनंता श्रीवास्तव व ब्यूटीशियन रश्मि शर्मा का कहना है कि ठण्ड में होने वाली सौंदर्य एवं त्वचा सम्बन्धी समस्याओं के निदान के कई घरेलू उपाय हैं, इसके अलावा इस पूरे मामले में आपकी डाइट भी आपका सहयोग करती है।

सर्दियों में त्वचा सम्बन्धी नुस्खे :
1. ठण्ड में त्वचा सूखी हो जाती है। मौसम में हुए भारी बदलाव को त्वचा सहन नहीं कर पाती व सूखने लगती है। ऐसे में त्वचा पर प्राकृतिक मॉइश्चराइजऱ लगाएं जो आपकी स्किन टोन को बरकरार रखे।

2. सर्दी/ठण्ड में गर्म पानी से ना नहाएं। गर्म पानी त्वचा की नमी छीन लेता है और त्वचा को रूखी बना देता है। वहीं इस मौसम में बिलकुल ना नहाने या काफी कम समय तक नहाने से भी त्वचा सूख जाती है। ठण्ड में त्वचा में आए भारी सूखेपन से त्वचा फटने भी लगती है। इसके निदान के लिए नहाने के बाद पूरे शरीर में नारियल या बादाम के तेल की मालिश करें।
3. इसके अतिरिक्त फटी त्वचा पर पेट्रोलियम जेली लगाएं।
4. ठण्ड में अपनी त्वचा को ठंडी हवाओं से बचाकर रखें।
5. सोने जाने से पहले अपने पूरे चेहरे पर बादाम का तेल मलें।

सर्दियों में गुनगुने पानी से नहाएं :
अगर आप सर्दियों में त्वचा को आराम दिलाना चाहते हैं तो रोज़ाना गुनगुने पानी से नहाएं। पानी की गर्म अवस्था त्वचा को स्वस्थ रखने में काफी मदद करती है। आप नहाने के समय मॉइश्चराइसिंग साबुन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तरह का साबुन त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद करता है। ठण्ड में गर्म पानी से नहाने पर शरीर के तंतुओं में भी नयी जान आती है और आपको सुकून का अनुभव होता है।

सर्दियों में ऐसे करें होंठों की देखभाल :
ठण्ड के मौसम में होंठ ज़्यादा फटते हैं क्योंकि होंठों की त्वचा काफी संवेदनशील होती है। होंठों से नमी गायब हो जाने की वजह से ही वे फटना शुरू कर देते हैं।
1. इस मौसम में होंठों पर लिप केयर बाम लगाएं।
2. होंठों की मृत कोशिकाएं निकालने के लिए लिप स्क्रब का प्रयोग करें। इसके अलावा सूखने पर अपने होंठों को चाटें। चाटने से कुछ समय के लिए तो त्वचा को नमी मिलती है परन्तु बाद में यह होंठों के लिए हानिकारक हो जाता है एवं इससे होंठ और ज़्यादा सूखकर फटने लगते हैं।
3. शरीर में नमी की कमी ना होने दें एवं खूब पानी पियें।

सर्दियों में पैरों की देखभाल के लिए ये करें :
ठण्ड के मौसम में फटी एडिय़ां आपकी सुंदरता छीन लेती हैं। ठण्ड में त्वचा के सूखने की वजह से ही एडिय़ां फटती हैं।
1. ऐसे में पानी व नींबू के रस के मिश्रण में 30 मिनट तक पैरों को डुबोकर रखें। इसके बाद पत्थर से पैरों को घिसें। यह प्रक्रिया पैरों की मृत कोशिकाओं को हटा देती है।
2. फटी एडिय़ों में पेट्रोलियम जेली लगाएं।
3. ठण्ड में हमेशा मोज़े पहनकर रहे।

बालों की सुरक्षा के लिए सर्दियों में अपनाए ये नुस्खे
ठण्ड के मौसम में सर्द हवाओं के चलने और तापमान में परिवर्तन की वजह से बालों को काफी नुकसान पहुंचता है।
1. ठण्ड में बालों को ज़्यादा ना भिगोएं क्योंकि इससे आपके बालों में सूखापन आ सकता है।
2. बाल धोने के बाद अपने बालों में तौलिया बांध लें। इससे नमी बालों के अंदर ही रहती है और बाहर नहीं जाती।
3. ठण्ड में बाल सुखाने के लिए ब्लोअर या ड्रायर का प्रयोग ना करें।
4. ठण्ड में बालों की मसाज करें व इसके लिए प्राकृतिक तेलों का प्रयोग करें।

सर्दी में एक्सफोलिएशन :
ठण्ड में यह काफी आवश्यक है कि आप अपनी त्वचा के सूखे सेल्स को एक्सफोलिएट करें। अंदरूनी और बाहरी तापमान में काफी अंतर होता है और इससे आपकी त्वचा की गुणवत्ता में भी काफी फर्क पड़ता है। अत: जब आप नहाने जाएं तो किसी एक्सफ़ोलिएटिंग माध्यम का प्रयोग करें जो कि त्वचा की मृत कोशिकाओं को सही प्रकार से निकालने में आपकी मदद करे। इससे आपकी त्वचा की गुणवत्ता में काफी निखार आएगा। ध्यान रखें कि एक्सफोलिएशन के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला पदार्थ त्वचा के लिए काफी अच्छा हो।

सर्दियों में त्वचा को करें मॉइश्चराइस :
सर्दी के मौसम में यह काफी आवश्यक है कि आप रोज़ाना त्वचा को मॉइश्चराइस करें। इसे आप एक प्रभावी मॉइश्चराइजऱ का सही प्रकार से प्रयोग कर सकते हैं जिससे कि आपकी त्वचा नरम मुलायम हो जाए। त्वचा के खुले भागों पर ज़्यादा ध्यान दें।

हाथों, नाखूनों तथा होंठों का ख़ास ख्याल रखें। इसके लिए आवश्यक है कि आप रसोई या बाज़ार में मिलने वाले बेहतरीन मॉइश्चराइसिंग उत्पादों का फायदा उठाएं। होंठों की नरमी बनाए रखने के लिए लिप बाम का प्रयोग करें। आप नाखूनों पर भी क्रीम लगा सकते हैं जिससे कि वे मुलायम और स्वस्थ रहें।

सनस्क्रीन लोशन लगाएं :
लोगों की यह धारणा गलत है कि सनस्क्रीन लोशन सिर्फ गर्मियों में ही लगाया जाता है। आपको सर्दियों में भी सनस्क्रीन लोशन का प्रयोग करना चाहिए। जानकारों के अनुसार यह समय भी ऐसा होता है जब आपको सूरज की किरणों से सुरक्षा की आवश्यकता होती है। अत: ठण्ड में भी घर से बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लोशन लगाना सुनिश्चित करें। इस लोशन से त्वचा के बाहरी परत की सुरक्षा होती है और इससे आपको सुकून का अनुभव होता है।

सर्दियों में डिओड्रेंट का न करें प्रयोग:
ठण्ड में आपके शरीर से ज़्यादा पसीना नहीं निकलता, अत: यही सही रहेगा कि आप डिओड्रेंट का प्रयोग कम से कम रखें। डिओड्रेंट में अल्कोहल की मात्रा होती है, अत: यह त्वचा के लिए अच्छा नहीं होता। अल्कोहल त्वचा की नमी छीन लेता है और इस वजह से त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है।

अत: अल्कोहल युक्त पदार्थों का ज़्यादा इस्तेमाल ना करें। ठण्ड में त्वचा प्राकृतिक रूप से ही ज़्यादा संवेदनशील होती है और इसीलिए ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल ना करें जो त्वचा को आर ज़्यादा नुकसान पहुंचाएं।

कंडीशनर का करें प्रयोग :
ठण्ड में कंडीशनर का प्रयोग अवश्य करें। इस मौसम में आपका पसीना ज़्यादा नहीं निकलता है और आपके सिर की त्वचा अत्यंत रूखी सी हो जाती है, लेकिन बालों की सही देखभाल करने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि किसी सौम्य शैम्पू का प्रयोग करें और बालों और त्वचा को त्वचा को धोने के लिए गुनगुने पानी का प्रयोग करें। पानी के तापमान की अवश्य जांच कर लें। यह ज़्यादा गर्म नहीं होना चाहिए वरना इससे त्वचा और बालों की गुणवत्ता को काफी नुकसान पहुँच सकता है।

रोज़ाना बालों में तेल लगाएं :
ठण्ड में बालों की रोज़ाना ऑइलिंग करना बहुत ज़्यादा आवश्यक है। शरीर के बाकी भागों की तरह आपके बाल को भी सही देखभाल की आवश्यकता होती है, और इसीलिए आपको चाहिए कि अपने लिए सही प्रकार के तेल का चुनाव करें।

सिर में तेल लगाने से रक्त संचार अच्छे से होता है तथा सिर की त्वचा पूरी तरह नमी युक्त रहती है। ठण्ड में आप बेहतरीन तेलों का चयन कर सकते हैं। इनमें मुख्य हैं नारियल तेल, बादाम का तेल, अरंडी का तेल, लैवेंडर तेल, ओलिव आयल आदि।

सर्दियों में शरीर को ढककर रखें :
ठण्ड में यह काफी आवश्यक है कि आप अपने शरीर को ढककर रखें। इसके लिए आप ऊनी टोपी, स्टोल या स्काव्र्स का प्रयोग कर सकते हैं। गर्म कपड़े आपकी त्वचा की रक्षा करते हैं तथा आपके बालों को भी काफी अच्छी स्थिति में रखते हैं। इस तरह आप ठण्ड के प्रकोप से काफी प्रभावी रूप से बचे रहते हैं।

अगर आप अपनी त्वचा को खुला छोड़े रखेंगे, तो इससे आपके चेहरे तथा बालों को काफी नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा सही तरह से शरीर को ढककर रखने से आपकी त्वचा गर्म और आरामदायक रहती है। इससे आपके शरीर में रक्त का संचार सही तरीके से होता है, जो ठण्ड के मौसम में काफी आवश्यक है।

बाल बनाने में सावधानी बरतें :
ठण्ड में स्टाइलिंग के लिए बालों में अत्याधिक ताप का संचार करना हानिकारक हो सकता है। अतिरिक्त ताप के प्रयोग से बालों की गुणवत्ता खराब हो जाती है तथा वे अत्याधिक रूखे हो जाते हैं। यही कारण है कि बालों को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए आपको काफी सावधानी से उनकी स्टाइलिंग करनी पड़ेगी।

असल में आप इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए किसी विशेषज्ञ की भी सलाह ले सकते हैं। वही आपको ठण्ड में बालों की सही प्रकार से स्टाइलिंग करने का उचित तरीका बताने में सक्षम हैं।

सैलिसिलिक एसिड :
लोगों को अभी भी अपने शरीर के ऐसे कई भागों के बारे में आभास नहीं है, जहां उनकी जानकारी के बगैर ही रूखेपन की समस्या जन्म ले लेती है। उदाहरण के तौर पर हाथों के ऊपरी भाग में केराटोसिस पिलर के सूजने की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

इससे रूखी त्वचा की समस्या उत्पन्न होती है, जो आपको काफी परेशान करती है। विशेषज्ञ ऐसी स्थिति में ऐसे लोशन लगाने की सलाह देते हैं, जिनमें सैलिसिलिक एसिड होता है। यह आपके बालों के फोलिकल्स के आसपास की मृत त्वचा को एक्सफोलिएट करता है। इस लोशन को लगाकर आप शरीर की सूजन भी कम कर सकते हैं।

सूती के दस्ताने:
एक बार जब आप अपनी त्वचा तथा हाथों पर मॉइश्चराइजऱ लगा लें, तो इसके बाद अपने हाथों पर सूती के दस्ताने पहन लें। अगर आप अपने हाथों को दस्तानों से नहीं ढकेंगे तो ठंडी हवा आपकी त्वचा पर हमला कर सकती है और रूखापन तथा त्वचा के फटने जैसी समस्याएं भी पेश आ सकती हैं।

आप एक सुरक्षा परत बनाने के लिए हाथों पर विंटर क्रीम व मॉइश्चराइजऱ लगाकर इन्हें सूती के दस्तानों से ढक सकते हैं। क्षतिग्रस्त हाथों को मोइश्चराइस करने का यह बेहतरीन उपाय है। इससे आपके हाथ नर्म और सुन्दर रहेंगे।

रूखी कोहनियों के लिए शहद :
ठण्ड में आपने अपनी कोहनियों के आसपास काले धब्बे और फटी त्वचा ज़रूर देखी होगी। ऐसा इस मौसम में विपरीत दिशा से आने वाली हवा के आपकी त्वचा पर हमला करने की वजह से होता है। इसके लिए आप शहद के रूप में एक काफी सामान्य उपाय अपना सकते हैं।

अपने हाथों में शहद की कुछ बूंदें लें और हलके हाथों से इसे अपनी कोहनियों के ऊपर लगाएं। इसे सूखने दें तथा इसके बाद इसे हलके गमज़् पानी से धो लें। इससे आपकी त्वचा सुरक्षित रहेगी और रक्त संचार भी सुचारू रूप से होगा।

धारीदार त्वचा पर दूध :
ठण्ड के समय लोगों की त्वचा धारीदार हो जाती है, जिसे दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड के माध्यम से दूर किया जा सकता है। अगर ये आपके बजट में आ सके, तो रोजाना दूध से नहाना राजकुमारी क्लियोपेट्रा के तरह आपको भी फायदा पहुंचाएगा। पर ये विधि पूरी तरह संभव न होने के कारण एक कप दूध में एक सूती का कपड़ा डुबोएं, तथा इसे सारे शरीर पर या ऐसी जगहों पर लगाएं, जहां आपको धारीदार त्वचा दिख रही हो। इसे 10 मिनट तक रखकर हलके गर्म पानी से धो दें।

सर्दियों में खाएं गुड रहे फिट :-
गुड़ को प्राकृतिक मिठाई के तौर पर जाना जाता है। गुड़ में कई ऐसे लाभकारी गुण होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। गुड़ स्वाद के साथ ही सेहत का भी खजाना है। सर्दियों में गुड़ की मांग बढ़ जाती है और लोग इसे बड़े चाव के साथ खाते हैं।

सर्दियों में गुड़ वाली गजक, रेवड़ी और पट्टी तो हम सभी खाते होंगे लेकिन अगर इसी गुड़ को जाड़े के दौरान चीनी की जगह इस्तेमाल किया जाए तो सेहत को भी फायदा होगा। इसमें मौजूद विटमिन, न्यूट्रीएंट्स और मिनरल्स कई तरह की बीमारियों से बचाते हैं। यहां हम आपको गुड़ के कुछ फायदे बता रहे हैं।

1. सर्दी-जुकाम : गुड़ की तासीर गर्म होती है। सर्दी के दिनों में या सर्दी होने पर गुड़ का प्रयोग आपके लिए अमृत के समान होगा। इसकी तासीर गर्म होने के कारण यह सर्दी, जुकाम और खास तौर से कफ से आपको राहत देने में मदद करेगा।

2. ब्लड सर्कुलेशन सुधरेगा : गुड़ रक्तहीनता से पीडि़त लोगों के लिए बहुत अच्छा है। इसे लोहे का एक अच्छा स्त्रोत माना जाता है और यह शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने में मददगार साबित होता है। इससे मसल्स की ऐंठन में आराम मिलता है, जिससे शरीर में दर्द कम हो जाता है।

3. एसिडिटी, कब्ज से छुटकारा : पेट से जुड़ी समस्याओं से निजात पाने के लिए गुड़ सबसे आसान तरीका है। पेट में गैस और पाचन किया से जुड़ी समस्या भी गुड़ खाने से दूर होती है। रोज खाने के बाद गुड़ खाने से डाइजेशन सुधरता है। इससे कब्ज की समस्या दूर हो जाती है।

4. खून की कमी : गुड़ में न्यूट्रिएंट्स की भरपूर मात्रा होती है। यह रेड ब्लड सेल्स को हेल्दी रखता है और खून की कमी से बचाता है।

5. सिरदर्द, कान दर्द : गुड़ खाने से सिरदर्द की समस्या भी दूर हो जाती है। इससे पेट दर्द की समस्या में भी आराम मिलता है। गुड़ और घी मिलाकर खाने से कान का दर्द ठीक हो जाता है।

6. हेल्दी स्किन : गुड़ ब्लड से खराब टॉक्सिन दूर करता है, जिससे त्वचा दमकती है और मुहांसे की समस्या नहीं होती है।

7. एनर्जी : बुहत ज़्यादा थकान और कमजोरी महसूस करने पर गुड़ का सेवन करने से आपका एनर्जी लेवल बढ़ जाता है। गुड़ जल्दी पच जाता है, इससे शुगर का स्तर भी नहीं बढ़ता। दिनभ? काम ?? करने के बाद जब भी आपको थकान हो, तुरंत गुड़ खाएं। गुड़ शरीर के टेंपरेचर को नियंत्रित रखता है। इसमें एंटी एलर्जिक तत्व हैं, इसलिए दमा के मरीज़ों के लिए इसका सेवन काफी फायदेमंद होता है।

8. जोड़ों के दर्द में आराम: अगर आप भी जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो रोज गुड़ के एक टुकड़े के साथ अदरक का सेवन करें, इससे जोड़ों के दर्द की दिक्कत नहीं होगी।

डॉक्टरों के मुताबिक, गुड़ का ठंड में चीनी की जगह प्रयोग करने से कई फायदे होते हैं। इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और न्यूट्रीएंट्स कई तरह बीमारियों से बचाते हैं।

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