आचार संहिता से पहले टेंडर जारी करने घटाई निविदा अवधि 45 से 17 दिन की
भोपाल। प्रदेश में सड़कों की खराब स्थिति से सरकार को चुनावी नुकसान हो सकता है। कांग्रेस राज के समय भाजपा ने सड़कों को मुद्दा बनाकर चुनावी नैया पार की थी। इस बार सड़कों को मुद्दा ना बन सके और आम जनता को इस दर्द से राहत मिल सके, इसलिए सरकार नगरीय निकायों को स्पेशल फंड देकर सड़कें बनवा रही हैं। पहले कायाकल्प अभियान-1 में 750 करोड़ का फंड दिया गया तो कायाकल्प अभियान-2 में 800 करोड़ का फंड जारी किया गया। आचार संहिता से पहले इन सड़कों के काम शुरू हो सकें, इसलिए निविदा अवधि 45 से घटाकर 17 दिन कर दी गई। अब तक सिर्फ किसी वीवीआइपी के दौरे या किसी विशेष काम के लिए ही नियमों को शिथिल किया जाता रहा है।
10 से अधिक की निविदा में किया बदलाव
इसे लेकर नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने एक आदेश जारी कर लिखा कि, प्रदेश के सभी निकायों में सड़कें बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इनके सुधार के लिए मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना(चौथे चरण), कायाकल्प योजना, विशेष निधि एवं अन्य राज्य की योजनाओं में स्वीकृत सड़कों तथा अधोसंरचना विकास कार्यों में 10 लाख रूपए से अधिक मूल्य की निविदाओं के लिए नियम में बदलाव किया गया है। अब पहली बार 10 दिन तथा दूसरी बार 7 दिन की अवधि निर्धारित की गई है। यह छूट 15 अक्टूबर तक की निविदाओं पर प्रभावशील रहेगी। इससे पहले यह अवधि 30 दिन तथा 15 दिन थी।
सभी 413 निकायों में सड़कों की मरम्मत की जा रही
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह का कहना है कि निकायों की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत समय-सीमा में कराने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। सभी 413 निकायों में सड़कों की मरम्मत की जा रही है। गुणवत्ता नियंत्रण के उद्देश्य से सैंपल की बार कोडिंग कर रेंडम लैब का चयन कर टेस्टिंग की जाएगी।
470 के काम किए गए स्वीकृत
कायाकल्प योजना के पहले चरण में 350 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। दूसरे चरण में 800 करोड़ रुपए में से 470 करोड़ की स्वीकृतियां जारी की गई। इससे पहले सरकार सड़कों की मरम्मत, निर्माण व रख-रखाव के लिए कुल 2990 करोड़ स्वीकृति कर चुकी है। विशेष केन्द्रीय सहायता (शहरी सुधार कार्यक्रम) के मास्टर प्लान की और 18 मीटर से अधिक प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए 1200 करोड़ और शहरी अधो-संरचना विकास निधि योजना में 590 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। जल्द ही ये काम भी शुरू हो सकते हैं।
चार बड़े शहरों को मिलेंगे 18-18 करोड़
इससे पहले भी सरकार काम में लापरवाही बरतने वाले 30 निकायों पर कार्रवाई कर चुकी है। कायाकल्प अभियान-1 में समय पर काम नहीं करने वाले निकायों से राशि वापस ले ली गई थी। कायाकल्प-2 में चार बड़े शहर इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर को 18-18 करोड़ रुपए मिलेंगे। उज्जैन, देवास, मुरैना, सतना, सागर, रतलाम, रीवा, कटनी और खंडवा जैसे शहरों को 5-5 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इससे सड़कों के साथ ड्रेनेज, पुल, पुलिया, डिवाइडर, सेंट्रल लाइटिंग जैसे काम भी होंगे।