
Solar eclipse affects cloud formation process
खगोलप्रेमियों के लिए बुधवार 20 मार्च का दिन खास होगा। बुधवार को दिन और रात बराबर होंगे। भोपाल में सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच 12 घंटे 8 मिनट का अंतर रहेगा। आमतौर पर हर साल यह घटना 21 मार्च को होती है, लेकिन इस बार फरवरी 29 दिन की थी, इसलिए इस बार एक दिन पहले यानि 20 मार्च को दिन और रात बराबर होंगे।
वैज्ञानिकों के अनुसार पूरे साल में दो बार ऐसा होता है, जब दिन और रात बराबर होते हैं। इसमें 20 -21 मार्च के अलावा 23 सितंबर को भी दिन रात बराबर होते हैं। इसी प्रकार 22 दिसंबर को सबसे छोटा दिन और 21 जून को बड़ा दिन होता है। सूर्य के उत्तरी गोलार्ध पर विषुवत रेखा पर होने के कारण ही 23 सितंबर को दिन व रात बराबर होते है। बुधवार को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच 12 घंटे 8 मिनट का अंतर रहेगा।
इसलिए होती है यह खगोलीय घटना
रीजनल साइंस सेंटर के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर साकेत सिंह कौरव ने बताया कि इस घटना को इक्विनॉक्स कहते हैं। यह साल में दो बार होती है। पृथ्वी अपने अक्ष पर झुके होने के साथ ही सूर्य का चक्कर एक अंडाकार मार्ग में लगाती है। जिससे दिन और रात की लम्बाई घटती बढ़ती रहती है। इसके प्रभाव से ही मौसम में गर्मी, सर्दी होती है। इक्विनॉक्स के दौरान, सूर्य ठीक पूर्व में उगता है और ठीक पश्चिम में अस्त होता है, जिससे छाया अपेक्षाकृत कम बनती है। जैसे ही पृथ्वी की धुरी संतुलन के एक बिंदु पर पहुंचती है, जो उत्तरी गोलार्ध में वसंत और दक्षिणी गोलार्ध में शरद ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है। इक्विनॉक्स की खगोलीय घटना के महत्व को लोगों को समझाने के लिए बुधवार को एक विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा। सुबह 11 बजे से इसके बारे में लोगों को बताया जाएगा।
साल में कब-कब होती है खगोलीय घटना
- 20 अथवा 21 मार्च दिन रात बराबर
-23 सितम्बर दिन रात बराबर
- 22 दिसंबर सबसे छोटा दिन
-21 जून सबसे बड़ा दिन
Updated on:
19 Mar 2024 11:01 pm
Published on:
19 Mar 2024 11:01 pm
