
Swachh Bharat Mission : सरकार इतने रुपए में कैसे हो पाएंगे हम 'इज्जतदार'
भोपाल. पेट्रोल-डीजल से लेकर निर्माण और खाद्य सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं। महंगाई लोगों का तेल निकाल रही है। इसके बावजूद केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यक्तिगत शौचालय बनाने 12 हजार रुपए ही दे रही है। वर्तमान में व्यवस्थित शौचालय बनाने 22 से 25 हजार रुपए लागत आ रही है। गांवों के लोग खुद मेहनत कर शौचालय बनाने पसीना बहा रहे हैं। किसी को जैसे-तैसे सुविधा मिल पा रही है तो कई के शौचालय आधे-अधूरे पड़े हैं। इस बीच जल संसाधन संबंधी स्थायी संसदीय समिति ने शौचालय निर्माण के लिए 20 हजार रुपए देने की पुरजोर सिफारिश की है। समिति ने मौजूदा सहायता राशि को पूरी तरह से अपर्याप्त माना है। वास्तविक लागत के करीब भी नहीं है। भले ही कोई लाभार्थी अपनी मेहनत से शौचालय बनाए।
तालमेल ही नहीं
बजट आवंटन में कमी और राशि के कम उपयोग को समिति ने खर्च प्रबंधन में विभाग की शिथिलता करार दिया है। राज्यों, कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल और सहयोग की जरूरत बताई है।
देशभर में निर्मित व्यक्तिगत शौचालय
वर्ष - शौचालय
2014-15 - 56,64,911
2015-16 - 12,2,39,161
2016-17 - 2,12,57,643
2017-18 - 2,87,85,907
2018-19 - 2,36,47,518
2019-20 - 1,19,47,095
2020-21 - 47,66,117
2021-22 - 20,71,793
कुल - 11,03,80,145
(2 अक्टूबर 2014 से 7 फरवरी 2022 तक)
दरवाजा नहीं लगवा पाए तो लगाना पड़ा परदा
शहडोल जिले की ग्राम पंचायत है कल्याणपुर। यहां के राजेश सिंह बताते हैं निर्माण सामग्री के दाम इतने बढ़ गए हैं कि शौचालय बनवाना किसी चुनौती से कम नहीं। एक शौचालय बनवाने में करीब 800 ईंट, सात वर्गफुट गिट्टी, तीन बोरी सीमेंट, छत की शीट, नल, टंकी, दो गड्ढों की खुदाई, रेत, दरवाजा, टॉयलेट शीट की जरूरत होती है। मजदूरी लगभग 1500 रुपए तय है। लागत 22 से 25 हजार रुपए आ रही है। ऐसे में सिर्फ 12 हजार रुपए में शौचालय कैसे बन सकता है। राजेश ने जैसे-तैसे शौचालय तो बनवा लिया, लेकिन दरवाजा नहीं लगवा पाए। नतीजतन परदे से काम चला रहे हैं। इसी तरह लक्ष्मी सिंह के घर के शौचालय में टॉयलेट शीट, फर्श और छपाई का काम अधूरा है।
Published on:
22 Apr 2022 01:55 am
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