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’20 लाख’ के शेयर पर थी समर्थ और गिरिबाल सिंह की नजर, ट्विशा को करते थे टॉर्चर!

Twisha Sharma Death Case : सीबीआई जांच में सामने आया है कि, ट्विशा (त्विषा) शर्मा के 20 लाख रुपए के शेयर पर पति समर्थ और सास गिरिबाल सिंह (Giribala Singh) की नजर थी, जिसके लिए दोनों उसे टॉर्चर करते थे।

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Twisha Sharma Death Case

Twisha Sharma Death Case (source: patrika )

Twisha Sharma Death Case: मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत के आरोपों में घिरी सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह को सीबीआइ ने घटना के 17वें दिन गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को भोपाल हाईकोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई ने पूर्व जज गिरिबाला की पांच दिन की रिमांड मांगी और वहीं समर्थ की रिमांड पांच दिन बढ़ाने की मांग की है। कोर्ट के फैसले के अनुसार अब दोनों 2 जून तक रिमांड पर रहेंगे। इस बीच ट्विशा शर्मा मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। सीबीआई जांच में सामने आया है कि, 20 लाख रुपए के शेयर को लेकर समर्थ और गिरिबाला सिंह ट्विशा पर दबाव बनाते थे।

शेयर पर थी समर्थ और गिरिबाल सिंह की नजर

जानकारी के मुताबिक, ट्विशा (Twisha Sharma Death Case) ने कई कंपनियों के करीब 20 लाख रुपए के शेयर खरीद रखे थे। इन्हीं शेयरों पर समर्थ और गिरिबाल सिंह की नजर थी। इसे अपने नाम कराने के लिए पति समर्थ और सास गिरीबाला सिंह ट्विशा पर दबाव बनाते थे। पति और सास मिलकर उसे लगातार प्रताड़ीत भी करते थे। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल ने भी इस तथ्य का जिक्र किया था, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया।

समर्थ और ट्विशा के बीच हुई हाथापाई

जांच में यह भी सामने आया है कि ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर कहा था कि समर्थ और गिरीबाला दहेज की मांग को लेकर उससे हाथापाई करते हैं। दोनों बच्चे को लेकर भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। प्रताड़ना से परेशान होकर ट्विशा 19 अप्रैल को राजस्थान चली गई थी।

रातभर सीबीआई लॉकअप में थें मां-बेटे

गिरिबाला और बेटे समर्थ को रात में सीबीआइ लॉकअप में ही रखा। शुक्रवार को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को भोपाल हाईकोर्ट में पेश किया गया। सूत्रों की मानें तो सीबीआइ ने ट्विशा की मौत से जुड़े कई सवाल पूछे। किसी का गिरिबाला ने ठोस जवाब नहीं दिया। घरेलू कर्मचारियों से भी पूछताछ की। समर्थ के उस चचेरे भाई स्वराज को भी तलब किया, जिसने ट्विशा को फंदे से उतारने में मदद की थी। 12 मई की घटना को फिर से टीम ने समझने की कोशिश की।

'चैट से पता चलता है ट्विशा प्रताड़ित थीं '

महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने बताया, हाईकोर्ट को बताया था, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा(त्विशा) के शरीर पर चोट के 7 निशान फंदे से उतारने समय नहीं लगी। उसकी चैट से पता चलता है, वे प्रताड़ित थीं। रिपोर्ट के मुताबिक सिर पर आई चोट फांसी से पहले की बताई गई है।