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टि्वशा केस: जिस जिले की प्रधान जज रही उसी कोर्ट के कटघरे में डेढ़ घंटे खड़ी रही गिरिबाला

Twisha Sharma Case- भोपाल जिले की प्रधान न्यायाधीश रही गिरिबाला सिंह उसी अदालत परिसर में कटघरे में खड़ी नजर आई...।

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भोपाल

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Manish Geete

May 29, 2026

giribala singh bhopal

भोपालजिला अदालत की पूर्व प्रधान जज रही गिरिबाला को शुक्रवार को उसी रास्ते से सीबीआई की कस्टडी में ले जाया गया, जहां से सभी कैदियों को ले जाया जाता है। (फोटो-पत्रिका)

Twisha Sharma Death Case-कभी भोपाल की जिला अदालत की सबसे ऊंची कुर्सी पर बैठकर कानून की किताबों के आधार पर फैसले सुनाने वाली गिरिबाला सिंह शुक्रवार को उसी कोर्ट के कटघरे में एक आरोपी बनकर अपने फैसले का इंतजार करती नजर आई। वक्त के इस खेल को देख अदालत परिसर में मौजूद हर शख्स को कुछ देर के लिए खामोश-सा हो गया था। बेटे समर्थ सिंह के साथ करीब डेढ़ घंटे तक एक कटघरे में खड़ी गिरिबाला को CBI ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में 5 दिनों के लिए रिमांड पर ले लिया। अब दोनों से आमने-सामने बैठकर पूछताछ की जाएगी।

अपनी बहू टि्वशा शर्मा की आत्महत्या मामले में सास गिरिबाला और टि्वशा का पति समर्थ सिंह भोपाल की जिला अदालत की सीबीआई कोर्ट में शुक्रवार को पेश हुए। सीबीआई ने दोनों को ही रिमांड पर ले लिया। अब दोनों से पूछताछ में अहम सबूत मिल सकेंगे।

19 माह रही प्रधान जज

सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह भोपाल जिला कोर्ट की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं। 15/07/2021 से 28/02/2023 तक उनका कार्यकाल था। इस दौरान उन्होंने अनेक लोगों के भाग्य का फैसला किया, लेकिन आज जब सीबीआई कोर्ट में गिरिबाला सिंह की पांच दिन की रिमांड मांगी जा रही थी, तो आज सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला डेढ़ घंटे तक अपने बेटे के साथ 12.40 से 2.10 बजे तक एक ही कटघरे में खड़ी थीं। कभी डायस पर बैठकर लोगों का फैसला करती थी, अब एक आरोपी के तौर पर सीबीआई की विशेष अदालत के कटघरे में मौजूद थी। खास बात यह है कि सीबीआई को रिमांड मिलने के बाद उन्हें जिस गेट से बाहर ले जाया गया यह वही गेट है जिससे सभी कैदियों को ले जाया जाता है।

गिरिबाला और समर्थ सिंह के वकील ने आपत्ति नहीं जताई

जब कोर्ट रूम में सुनवाई हो रही थी और सीबीआई पांच दिन की रिमांड गिरिबाला के लिए और पांच दिन की रिमांड समर्थ सिंह के लिए बढ़ाने का आवेदन दे रही थी, तो आरोपी पक्ष के वकील ने इस पर जरा भी आपत्ति नहीं की। सीबीआई की दलीलों के बाद दोनों को 2 जून को दोपहर 2 बजे तक के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया।

हाईकोर्ट ने गंभीर प्रकृति मानी थी

टि्वशा के परिवार के जुड़े हाईकोर्ट वकील अनुराग श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि उन्होंने रिमांड के मामले में किसी बात का विरोध नहीं व्यक्त किया, क्योंकि उनकी अग्रिम जमानत ठीक इसी धार पर खारिज कर दी गई थी कि मामले की प्रकृति ऐसी थी कि जमानत नहीं दी जा सकती थी। हाईकोर्ट के सामने विस्तार से दलीलें पेश की गईं, जिसमें यह जोर देकर कहा गया था कि जांच के लिए गिरिबाला की हिरासत जरूरी है। इन सभी बातों परविचार करने के बाद अग्रिम जमानत का आदेश रद्द कर दिया गया। आरोपी के पास सीबीआई जांच की जरूरत को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं था। हमें सीबीआई पर पूरा भरोसा है। इधर, इसी मामले में टि्वशा शर्मा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने कहा कि पांच दिन की रिमांड मंजूर कर दी गई है। आरोपी के वकील ने रिमांड पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

कई पदों पर रही गिरिबाला

गिरिबाला सिंह भोपाल जिले की प्रधान जिला जज रह चुकी हैं। इसे पहले वे कई जिलों में भी जज रही। गिरिबाला सिंह जिला उपभोक्ता आयोग भोपाल-2 की अध्यक्ष हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने उन्हें पद से हटाने के लिए लिखा है। टि्वशा शर्मा के परिजनों ने भी राज्यपाल मंगुभाई पटेल को पत्र लिखकर मांग की थी कि गिरिबाला सिंह का न्यायिक पद है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए।