
राज्यपाल के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में लापरवाही की गाज गिरी दो अफसरों पर, निलंबित
8 जुलाई को राजभवन के सभाग्रह में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अफसरों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई थी। सभाग्रह का एसी और लिफ्ट का रखरखाव नियमित न होने के कारण दोनो ही बंद थे। किसी तरह से एसी तो चालू हो गया लेकिन लिफ्ट चालू नहीं हो सकी। आखिरकार 77 वर्षीय राज्यपाल को सीढिय़ों से चढ़कर शपथ ग्रहण स्थल तक जाना पड़ा था। पत्रिका ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में इन दोनों अफसरों की लापरवाही उजागर हुई। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता अखिलेश अग्रवाल ने निलंबन आदेश जारी कर दिए हैं।
राजभवन का सभागृह अधिक ऊंचाई पर है। यहां आमजन के लिए तो सीढिय़ां हैं, लेकिन वीवीआईपी और बुजुर्ग इत्यादि के लिए लिफ्ट की भी व्यवस्था है। अफसर यह मानकर चल रहे थे कि सब कुछ दुरुस्त है, लेकिन जब यहां की व्यवस्थाओं को जांचा गया तो लिफ्ट बंद होने के साथ यहां के एसी भी खराब होने की बात सामने आई। आनन-फानन में इसे दुरुस्त करने के प्रयास किए गए लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। राजभवन ने इसकी सूचना लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई और ईएनसी (इंजीनयर-इन-चीफ) अखिलेश अग्रवाल को दी।
इंजीनियर यहां के एसी को दुरुस्त करने में सफल हो गए लेकिन लिफ्ट चालू नहीं हो सकी। इससे अफसरों के हाथ पांव फूल गए। आखिरकार राज्यपाल मंगूभाई पटेल लिफ्ट खराब होने की सूचना दी गई। उन्हें बताया गया कि सीढ़ी का इस्तेमाल करना होगा। उन्होंने कहा कोई बात नहीं, और वे सीढिय़ों से ऑडिटोरियम के मंच पहुंचे।
दो साल पहले बना है सभागृह -
राजभवन का सांदीपनि सभागृह का निर्माण दो साल पहले हुआ था। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस सभागृह में बेहतर बैठक व्यवस्था के साथ लिफ्ट इत्यादि भी है। राजभवन के बड़े कार्यक्रम इसी सभागृह में होते हैं।
Published on:
13 Jul 2021 01:01 am
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