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Ladli Behna yojana- एमपी में लाड़ली बहनों को एक और तोहफा, पशुधन के लिए पैसा देगी सरकार

Ladli Behna yojana- योजना लागू होने पर खेती-किसानी से जुड़ी इच्छुक महिलाएं ले सकेंगी गाय-भैंस, स्वरोजगार की तैयारी

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MP Government to Provide Financial Assistance for Livestock to Ladli Behna Beneficiaries

MP Government to Provide Financial Assistance for Livestock to Ladli Behna Beneficiaries

Ladli Behna yojana- हरिचरण यादव, भोपाल मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनें अब गाय-भैंसें पालेंगी। खरीदी का खर्च मोहन सरकार चुकाएगी। सब ठीक रहा तो योजना की शुरुआत गोवर्धन पूजा से हो जाएगी। गाय-भैंस लेना सभी को अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि खेती-किसानी से जुड़ी इच्छुक महिलाएं ही ले सकेंगी। अभी 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों में से प्रत्येक को हर माह 1500 रुपए दिए जा रहे हैं। सरकार पर 1836 करोड़ रुपए का भार आ रहा है। विपक्ष मुद्दा उठा चुका है कि यह राशि पर्याप्त नहीं है। 3000 प्रति माह देने का वादा पूरा नहीं किया जा रहा। सरकार पहले ही कह चुकी कि बहनों को मिलने वाली राशि बढ़ाकर 3000 रुपए तक ले जाएंगे। सरकार का मकसद है कि बहनों की आमदनी सीमित न रहे, बल्कि वे परिवार चलाने में सक्षम बनें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नवंबर 2026 से इन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोडऩे संबंधी नए विकल्पों की खोजबीन करवा रहे हैं।

भूरिया-गौर समेत 4 मंत्रियों को दी जिम्मेदारी

असल में मोहन सरकार महिला आधारित योजनाओं की समीक्षा करवा रही है। सूत्रों के अनुसार सीएम का जोर नकद लाभ देने से जुड़ी योजनाओं को और प्रभावी बनाकर पात्र महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने योग्य बनाने पर है। सरकार ने बीते साल महिला मंत्रियों की समिति बनाई थी। अध्यक्ष मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया है। समिति में मंत्री कृष्णा गौर, प्रतिमा बागरी, राधा सिंह व संपतिया उइके हैं।

एकमुश्त राशि देकर महिलाओं को स्थाई काम-धंधे से जोड़ने की कवायद, मासिक किस्त से ज्यादा होगी कमाई

अभी प्रति बहना, प्रति माह 1500 रुपए दिए जा रहे। इसे एकमुश्त देकर संबंधितों को स्थाई काम-धंधे से जोड़ा जा सकता है, ताकि मासिक किस्त से ज्यादा खुद कमाई कर सकें।

प्रदेश की ऐसी वीरांगनाओं के नाम पर रखा जा सकता है, जिन्होंने जनकल्याण के साहसिक काम किए

योजना का नाम भी बदला जा सकता है। इसे प्रदेश की ऐसी वीरांगनाओं के नाम पर रखा जा सकता है, जिन्होंने अपने समय में जनकल्याण के साहसिक काम किए।

गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही नर्मदापुरम के सिवली मालवा में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए सीएम मोहन यादव ने उनकी हर संभव मदद की बात कही थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को अब तक 55 हजार करोड़ रूपए से अधिक राशि दी जा चुकी है। लाड़ली बहना योजना की शुरुआत से लेकर अब तक प्रति बहन 40 हजार 500 रुपए से अधिक राशि बहनों के बैंक खातों में आई है। सीएम मोहन यादव ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बहनें चिंता न करें, योजना की राशि बढ़कर 1500 रुपए करने के साथ आगे भी जो संभव होगा वह किया जाएगा।