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अब किस राज्य को पड़ी एमपी के Tiger की जरूरत, मोहन सरकार को पत्र लिख की डिमांड

MP Tiger in Demand: NTCA की परमिशन मिलते ही देश के इस राज्य में भी दहाड़ेंगे एमपी के जंगलों के राजा, मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को इस राज्य के उपमुख्यमंत्री ने लिखा पत्र, मांगे बाघ

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MP tiger in demand in indian states

MP tiger in demand in indian states (photo:fb)

MP Tiger in Demand: वाइल्डलाइफ के लिए दुनियाभर में मशहूर चीता, टाइगर, लेपर्ड, वुल्फ, वल्चर स्टेट मध्यप्रदेश के बाघों की डिमांड लगातार बढ़ रही है। गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम के बाद अब आंध्र प्रदेश सरकार ने मध्य प्रदेश सरकार से एमपी के जंगलों का राजा टाइगर की मांग (MP Tiger in Demand) की है। इस संदर्भ का एक पत्र आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने एमपी की मोहन यादव सरकार को लिखा है।

पत्र में क्या?

आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से मोहन सरकार को भेजे गए इस पत्र में उपमुख्यमंत्री ने अपने राज्य के पापीकोंडा नेशनल पार्क के लिए मध्य प्रदेश के कान्हा, सतपुड़ा और पेंच टाइगर रिजर्व से बाघों के साथ ही गौर (बाइसन) की मांग की है।
बता दें कि राज्य सरकार ने गुजरात और राजस्थान को भी बाघ दे दिए हैं। वहीं बाकी राज्यों में बाघ देने की प्रक्रिया जारी है। आंध्र प्रदेश सरकार की इस डिमांड के बाद अब उसे भी बाघ देने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

NTCA की मंजूरी का करना होगा इंतजार

बता दें कि किसी भी राज्य को बाघों को इधर से उधर भेजने के लिए पहले राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इस मामले में भी NTCA से अभिमत लिया जाएगा।
आंध्र में आकर देखें कौन सा क्षेत्र अनुकूल?

आंध्र प्रदेश सरकार ने पत्र में मध्य प्रदेश वन विभाग से यह भी आग्रह किया है कि वे आंध्र में आकर देखें कि बाघों और गौर के अनुकूल राज्य का कौन सा क्षेत्र होगा, जहां इन्हें (MP Tiger in Demand) बसाया जा सके। इस पर एमपी ने वहां के पर्यावरण और अनुकूलता को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट अनुकूल होने और NTCA की अनुमति मिलने के बाद बाघ आंध्र प्रदेश भेजे जा सकेंगे।

बता दें कि किसी भी राज्य को बाघ देने की परमिशन देने से पहले NTCA उन राज्यों का दौरा करता है, जहां बाघ दिए जाने हैं। अनुकूल परिस्थितियां होने के बाद ही वहां वैज्ञानिक, पारिस्थितिकी और संरक्षण उद्देश्यों के आधार पर बाघ भेजने की अनुमति देता है। NTCA की स्वीकृति के बाद राज्य बाघ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाता है।

तेलंगाना और झारखंड को भी बाघ देने की तैयारी

बता दें कि मध्य प्रदेश में सरकार आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना और झारखंड को भी बाघ देने की तैयारी कर रही है। इन राज्यों ने भी एमपी से बाघों की डिमांड (MP Tiger in Demand) की है।

टाइगर स्टेट एमपी के बाघों की क्यों बढ़ रही डिमांड

बता दें कि NTCA बाघों को किसी राज्य से दूसरी राज्यों में भेजने की अनुमति तभी देता है जब वहां बाघों की संख्या ज्यादा हो। वहां बाघ संरक्षण की स्थित सुखद हो। और मध्य प्रदेश देश का ऐसा राज्य है जहां बाघ गणना 2022 के मुताबिक सबसे ज्यादा 785 बाघ हैं और यहां इनकी संख्या लगातार बढ़ी है।

झारखंड ने टाइगर के साथ मांगे 50 बायसन, 50 सांभर और हिरण

बताते चलें कि झारखंड ने मध्य प्रदेश से तीन बाघ जिनमें, दो मादा और एक नर की डिमांड (MP Tiger in Demand) की है। इसके साथ ही झारखंड सरकार ने मोहन सरकार से 50 बायसन, 50 सांभर और हिरण भी मांगे हैं। इन सभी को पलामू टाइगर रिजर्व में बसाया जाएगा।

NTC को भेजा जा चुका है झारखंड का प्रस्ताव

झारखंड में डिमांड के मुताबिक टाइगर भेजने संबंधी प्रस्ताव NTCA को भी भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलने के बाद दोनों राज्यों के बीच एमओयू किया जाएगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश से बाघ लाकर (MP Tiger in Demand) तेलंगाना के कवाल टाइगर रिजर्व में बसाया जाएगा।