
यूको बैंक के चीफ मैनेजर सिन्हा के खिलाफ सीबीआई दर्ज करेगी आय से अधिक संपत्ति का केस
भोपाल. वेयर हाउस संचालकों को फर्जी कागजों के आधार पर 200 करोड़ रुपए का लोन देने वाले यूको बैंक (मुरैना ब्रांच) के तत्कालीन चीफ मैनेजर रंजन कुमार सिन्हा के खिलाफ सीबीआई को पटना, कोलकाता और नोएडा से कई अहम दस्तावेज मिले हैं। जांच में सिन्हा के पटना, ग्रेटर नोएडा समेत अन्य स्थानों पर बंगले मिले हैं। अब सीबीआई आय से अधिक संपत्ति का केस भी दर्ज करने जा रही है।
बैंक प्रबंधन को सिन्हा द्वारा किए गए घोटाले की सूचना मिलने के बाद उसे हटाकर कोलकाता पदस्थ किया गया था। इसी बीच सिन्हा को भनक लगी कि उसके खिलाफ सीबीआई कार्रवाई कर सकती है। इसलिए उसने कोलकाता में आवास बदल लिया। सीबीआई को जानकारी मिली है कि सिन्हा बैंक के आला अधिकारियों को भी गुमराह करता था। अंदेशा है कि छापे के डर से सिन्हा ने पटना और उप्र में खरीदी गईं अन्य संपत्तियों के दस्तावेज छिपा दिए हैं। सीबीआई अघोषित संपत्ति का पता लगाने में जुटी है।
अलग-अलग राज्यों में खरीदी संपत्ति
सीबीआई को सिन्हा के पास करोड़ों की संपत्ति होने के सबूत मिले हैं। पटना के विनोदीकुंज में तीन मंजिला बंगला और एक आलीशान मकान सहित ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-16 में एक फ्लैट मिला है। मुरैना, ग्वालियर, झांसी, इंदौर सहित उप्र के अन्य शहरों में सिन्हा ने 2015 से 2017 के बीच किए भ्रष्टाचार से संपत्ति खरीदी।
अफसर आ सकते हैं जांच के दायरे में: 22 जनवरी 2019 को लीलावती अग्रवाल के शांति वेयर हाउस से जुड़े 41 खातों को एनपीए घोषित किया गया था। इसके पहले यूको बैंक के जोनल कार्यालय के अधिकारियों ने आरके सिन्हा द्वारा जारी 20.7 करोड़ रुपए और एनपीए किए गए खातों का फॉरेंसिक ऑडिट नहीं करवाया।
Published on:
08 Nov 2019 04:04 am
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