बड़ी पहल: अब आपके चेहरे से भी हो सकेगा आधार वेरिफिकेशन

जल्द ही लोगों के रजिस्टर्ड डिवाइस पर फ्यूजन मोड में फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी...

By: दीपेश तिवारी

Published: 15 Jan 2018, 05:41 PM IST

भोपाल। मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में आधार कार्ड के चलते सामने आ रही परेशानियों को खत्म करने व तमाम सेवाओं के लिए इसे अनिवार्य होने के बाद अब आधार कार्ड की सिक्यूरिटी को और मजबूत किया जा रहा है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अब आधार का नया सिक्यूरिटी फीचर जारी किया है जिसमें फिंगरप्रिंट और आंख की पुतलियों के अलावा चेहरे को भी पहचान का आधार बनाया जाएगा।

ये परेशानियों आ चुकी हैं सामने:
जानकारों के अनुसार दरअसल कई बार परीक्षा देने आने वाले छात्रों या ऐसे ही कुछ कार्यों में आने वाले लोगोंCommon Man Issue के फिंगरप्रिंट में कई बार मिलान नहीं हो पाता है, जिसके कारण वे उस कार्य से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में इस नए तरीके से वेरिफिकेशन face verification for aadhaar card के चलते इस तरह की समस्याएं खत्म हो जाएंगी।

इसके तहत भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकार (UIDAI) ने चेहरे के जरिये आधार कार्ड के वेरिफिकेशन की अनुमति दी है। अब जल्द ही लोगों के रजिस्टर्ड डिवाइस पर फ्यूजन मोड में फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा मुहैया uidai make face verification for aadhaar card कराई जाएगी, ताकि लोगों को बायोमीट्रिक पहचान में हो रही मुश्किलों से छुटकारा मिल सके।

इससे उन लोगों को भी राहत मिलेगी, जो कठिन मेहनत वाले हालात या अंगुलियों के निशान धूमिल या किसी अन्य वजह से फिंगरप्रिंट aadhaar verification की पहचान नहीं करा पा रहे थे। अभी UIDAI पहचान के लिए दो तरीके इस्तेमाल करती है- फिंगरप्रिट और आंख की पुतली, जिससे कुछ लोगों की पहचान में परेशानी होती है। अब आधार वेरिफिकेशन के लिए एक नया तरीका और जुड़ गया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह नई सुविधा वेरिफिकेशन के मौजूदा तरीकों के साथ उपलब्ध होगी।

क्या कहते है लोग...
नई व्यवस्था के बारे में जानकारी समाने आने पर भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों के लोगों ने इसे एक अच्छा तरीका माना है।

मैं पहले परीक्षा देने गया था लेकिन मेरा फिंगरप्रिंट मेच नहीं हुआ तो मुझे परीक्षा नहीं देने दी गई। ये नई व्यवस्था हम जैसे युवाओं के लिए मददगार होगी।
- रमेश शर्मा, अशोक नगर

कई बार हम जब किसी कार्य में आधार का उपयोग करते हैं तो हमारे फिंगरप्रिंट नमी या किसी अन्य कारण से मैच न होने पर हमें वहां मना कर दिया जाता है। ये नई पहल सभी के लिए फायदेमंद होगी।
- अजय सिंह, भोपाल

मैं भी पूर्व में राज्य सरकारी नौकरी की परीक्षा देने गया था, जहां मेरा फिंगरप्रिंट Unique Identification Authority of Indiaमैच नहीं हुआ और वहां मुझे अंदर जाने से मना कर दिया गया। आशा है अब चेहरे व आंखों से वेरिफिकेशन होने पर इस तरह की समस्या नहीं आएगी।
- जितेंद्र जैन, गुना

प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि सुरक्षा का यह नया फीचर इसी साल जुलाई से शुरू किया जाएगा। सोमवार को एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए पहचान प्राधिकरण ने कहा है कि अब जब आधार कार्ड बनाया जाएगा तो नामांकन कराने वाले शख्स के चेहरे की भी फोटो ली जाएगी। यह फोटो में आधार में जुड़ने वाले विशेष फीचर से व्यक्ति को पहचानने में मदद करेगी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले UIDAI ने किया ऐलान :
यूआईडीएआई का ये ऐलान सुप्रीम कोर्ट में आधार पर सुनवाई के ठीक 24 घंटे पहले आय़ा है। कोर्ट में मंगलवार को आधार की अनिवार्यता पर सुनवाई होगी। इस मामले में कई जनहित याचिकाएं यानी पीआईएल दायरUnique Identification की गई हैं। अब इन तमाम याचिकाओं को मिलाकर एक कर दिया गया है और मंगलवार के बाद इस पर नियमित सुनवायी शुरु होगी।

अब तक 12 अंकों वाला आधार नंबर 117 करोड़ लोगों को जारी किया जा चुका है। हालांकि आधार का इस्तेमाल पहचान साबित करने के लिए होता है, लेकिन इसे नागरिकता का सबूत नहीं माना जा सकता। आधार के आधार पर लोगों को रसोई गैस पर सब्सिडी और विभिन्न योजनाओं में सरकारी मदद दी जाती है। सरकार दावा है कि आधार का इस्तेमाल कर शुरु की गयी प्रत्यक्ष हस्तांतरण योजना यानी डीबीटी में अब तक करीब 50 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है।

इससे फीचर से लोगों की पहचान करने में आसानी होगी। साथ कहा जा रहा है कि जुलाई से नया आधार कार्ड बनवाने वाले को यह विकल्प होगा कि यदि उसकी आखों या अंगुलियों में कोई दिक्कत है और वह इनकी बजाए अपने चेहरे का वेरीफिकेशन face verification फोटो क्लिक कराए। जानकारी में कहा गया है कि जिसने पहले आधार बनवाया है और डाटाबेस में उनकी फोटो मौजूद उन्हें दोबारा से चेहरे की फोटों खिंचाने की जरूरत नहीं है। साथ पहले से आधार रजिस्ट्रेशन का काम जिस सिस्टम में पहले से चल रहा था में उसमें किसी प्रकार के हार्डवेयर चेंज करने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि चेहरा अब पहचान का अतिरिक्त आधार बनेगा।

नई सुविधा 1 जुलाई, 2018 से...
यह नई सुविधा 1 जुलाई, 2018 से उपयोग के लिए उपलब्ध होगी। बयान के अनुसार, 'जो लोग वृद्धावस्था, कठिन मेहनत वाले हालात या अंगुलियों के निशान धूमिल होने जैसे हालात के कारण अपने आधार का बायोमेट्रिक aadhaar card verification तरीके से सत्यापन नहीं करवा पा रहे, यह नई सुविधा उनके लिए मददगार साबित होगी।' वहीं UIDAI का कहना है कि सत्यापन की यह नई सुविधा ‘जरूरत के हिसाब’ से उपलब्ध होगी।

आधार कार्ड की सिक्यूरिटी Security Of Aadhaar होगी मजबूत:
जानकारों का मानना है कि अब जब आधार कार्ड बनाया जाएगा तो नामांकन कराने वाले शख्स के चेहरे की भी फोटो ली जाएगी। यह फोटो में आधार में जुड़ने वाले विशेष फीचर से व्यक्ति को पहचानने में मदद करेगी।इससे फीचर से लोगों की पहचान करने में आसानी होगी। यदि उसकी आखों या अंगुलियों में कोई दिक्कत है और वह इनकी बजाए अपने चेहरे का वेरीफिकेशन फोटो क्लिक कराए।
यूआईडीएआई ने फिंगर प्रिंट और आइरिस को पहचान के लिए मान्यता दे रखी है। आधार में रजिस्ट्रेशन के वक्त फोटो लिया जाता है। अब यूआईडीएआई इस फोटो का इस्तेमाल पहचान के लिए करना चाहता है। इससे ये सुनिश्चित किया जा सकेगा कि फिंगर प्रिंट या आइरिस में दिक्कत होने पर चेहरे के जरिए पहचान हो सके।

 

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दीपेश तिवारी
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