
water supply in rewa city
भोपाल. राजधानी की जमीन 200 फीट की गहराई तक सूख गई है। जिला प्रशासन द्वारा शहर को जलसंकट ग्रस्त घोषित करने के बाद पत्रिका ने जब शहर के दस क्षेत्रों में निजी बोरिंग की हकीकत जानी तो पता चला 200 फीट गहराई वाले बोरिंग ने तो पानी उगलना पूरी तरह से बंद कर दिया है। जहां लोगों ने जमीन में 600 फीट गहराई तक बोरिंग करा लिए वहां भी सबमर्सिबल पंप से पानी का प्रेशर आधा हो गया है। बीते दो साल से ये स्थिति है और लोगों का कहना है कि मार्च-अप्रैल में तो 400 फीट से 600 फीट गहराई वाले बोरिंग लाल पानी उगलना शुरू कर देंगे।
ऐसे समझे शहर के दस क्षेत्र में पानी की गहराई...
1. बृज कॉलोनी करोद में रहने वाले मनमोहन शर्मा ने 600 फीट गहरा बोरिंग करवा रखा है। स्थिति ये हैं कि इतना गहरा होने के बावजूद पे्रशर नहीं है। लगातार चलाना पड़े तो 30 मिनट में दम तोड़ देता है।
2. अरेरा कॉलोनी इ2 में रहने वाले कमल राठी की है। उनके यहां बोरिंग की गहराई 450 फीट है और लगातार एक घंटा चल जाए तो बड़ी बात है।
3. कोलार सर्वधर्म कॉलोनी निवासी उर्वशी मिश्रा का कहना है कि उनके यहां 450 फीट गहरा बोरिंग है, लेकिन वह 15 मिनट ही पानी उगल रहा है।
4. कोलार का पानीदार क्षेत्र माने जाने वाली राजहर्ष कॉलोनी में अधिकांश बोरिंग 150 फीट के भीतर है। यहां के निवासी हरिमोहन मालवीय का कहना है कि 125 फीट तक के बोरिंग बंद हो गए। 200 फीट से अधिक पर यहां लाल पानी निकलता है।
5. डीआइजी बंगला चौकसे नगर में रहने वाले बसंत साहू के यहां 300 फीट गहरा बोरिंग है और पानी आना लगभग बंद हो गया है। उनके अनुसार आगामी दस से पंद्रह दिन में ये पूरी तरह सूख जाएगा।
6. रचना नगर निवासी सुखदेव पांसे के यहां 120 फीट गहरा बोरिंग है। पानी बिल्कुल न के बराबर ही आ रहा है। नल कनेक्शन न हो तो दिक्कत आ जाए।
7. बैरागढ़ के हलालपुर में वैशाली रमानी के घर में लगा 250 फीट गहरा बोरिंग बंद हो गया।
8. होशंगाबाद रोड की भेल संगम कॉलोनी में अर्पित उपाध्याय के यहां का 350 फीट गहरा बोरिंग लगभग बंद हो गया है।
9. इंद्रपुरी निवासी हरिश विश्वकर्मा के यहां 250 फीट गहरा बोरिंग सूख गया है।
10. नेहरू नगर निवासी अखिलेश सक्सेना के यहां का 300 फीट गहरा बोरिंग अभी से सूख गया है। 8000 रुपए में लग जाए
रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
वाटर हार्वेस्टिंग एक्सपर्ट नमन शाही का कहना है कि सामान्यतौर पर आठ हजार रुपए में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया जा सकता है। इससे बारिश के दौरान एक लाख लीटर तक पानी जमीन में उतारा जा सकता है। भोपाल में नगर निगम ने करीब 70 लोगों को पंजीकृत कर रखा है। इसके अलावा अन्य से भी सिस्टम लगवाया जा सकता है।
रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के लिए निगम के पास है 10 करोड़ रुपए जमा
नगर निगम में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग कराने के सिक्युरिटी अमाउंट के तौर पर अब तक 10 करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं। यदि निगम इन लोगों की छत पर सिस्टम लगवाने की कवायद करें तो ये राशि काम आ सकती है। हर ***** करोड़ों लीटर पानी जमीन में उतारा जा सकता है।
भूजल स्तर भोपाल
1. खजूरी सड़क- 150 से 200 फुट
2. चांदपुर------130---180 फुट
3. बालमपुर----160 से 200 फुट (यहां के ज्यादातर बोर सूख गए )
4. कालापानी----160 से 220 फुट (यहां के ज्यादातर बोर सूख गए )
5. होशंगाबाद रोड--130 से 160 फुट
6. बंगरसिया------120 से 160 फुट
7. रायसेन रोड---120--160 फुट
6. भौरी----170 से 220 फुट
7. कोलार रोड---170 से 240 फुट
8. एमपी नगर----140 से 180 फुट
9. रातीबड़---150 से 180 फुट
10. खाताखेड़ी---200 फुट
11. ललरिया, इकरिया और दमूसरकला पानी नहीं है।
Published on:
09 Feb 2019 09:22 am
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