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‘मेरे पापा आएंगे’, 5 साल के इस बच्चे की कहानी आपको रुला देगी

अमोल के पांच साल के बेटे को नहीं पता मौत क्या होती है, उसे आज भी पिता का इंतजार, पूछो तो कहता है...

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Krishna singh

May 01, 2016

Amol Vaidya son

Amol Vaidya son

भोपाल. पांच साल के आरव को नहीं पता कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। उसे यह जरूर पता है कि पापा मर गए हैं...लेकिन, मौत क्या होती है वह इससे अनजान है। नादान आरव को अब भी भरोसा है कि उसके पिता कहीं बाहर गए हैं और जल्दी ही आइसक्रीम लेकर घर आएंगे। इसी उम्मीद में आरव घर के बाहर सीढिय़ों पर बैठकर दिनभर इंतजार करता रहता है। मां और दादी उसे समझाती हैं, अंदर बुलाती हैं, लेकिन वह नादान कुछ देर ठहरकर फिर पापा के इंतजार में सीढ़ी पर पहुंच जाता है। प्रॉपर्टी डीलर व फिल्म प्रोडयूसर अमोल वैद्य का छोटा बेटा आरव शनिवार दोपहर आने-जाने वाले लोगों से पापा की खबर पूछता रहा। लोग दिलासा देते, लेकिन गला रूंधने लगता तो चल देते। पिता को पूछने पर आरव बताता है कि पापा मर गए हैं, वह आइसक्रीम लेकर घर लौटेंगे। आरव से एक साल बड़े आर्यन ने खाना-पीना छोड़ रखा है।बच्चों के सामने मां और दादी मुंह छिपाकर रोती हैं।

पापा को फोन लगाता रहता है मासूम आरव
आरव को पिता का मोबाइल नंबर याद है। बताया कि उसने मां के मोबाइल से पापा को फोन लगाया था। फोन बंद था तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। वह फोन करेंगे तो हम बात करेंगे। पापा हमें और बड़े भाई आर्यन को कार से घूमाने ले जाएंगे।

सूदखोर और वकील पर मामला दर्ज
इधर, पुलिस ने अमोल की मौत के चार दिन बाद सूदखोर राजीव अग्रवाल और वकील सुखेंद सिंह पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। हालांकि, गिरफ्तारी नहीं हो सकी। एएसपी राजेश चंदेल ने बताया कि जांच में सामने आया कि राजीव और सुखेंद्र सिंह ने अमोल को धमकाया था। राजीव कोटरा, सुखेंद्र कोलार में रहता है।

मौत के कुछ घंटे पहले दोनों ने धमकाया
पुलिस की जांच में ये बात भी सामने आई कि घटना के दिन सूदखोर और वकील ने फोन पर अमोल को धमकाया था। दोनों ने चार-पांच मिनट तक फोन पर धमकी दी थी। इसके कुछ घंटे बाद अमोल ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस को दोनों के खिलाफ सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल समेत तमाम सबूत मिले थे।

मेरा बेटा तो चला गया, अब वह इस दुनिया में नहीं लौटेगा। पुलिस ने मेरे बेटे का पहले साथ दिया होता तो वह मौत को नहीं चुनता। बेटे के हत्यारों को मौत की सजा होनी चाहिए।
-स्नेहलता, अमोल की मां

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