
भोपाल। मां मुझे माफ करना। मैं जा रहा हूं। कुलदीप टायर वाला मुझे मानसिक और शारीरिक प्रताडि़त करता है। उसने एक साल पहले मेरे साथ जोर-जबरदस्ती कर अप्राकृतिक कृत्य(Unnatural sex) किया। इस कृत्य के बाद उसने किसी को बताने पर बदनाम करने की धमकी दी। मैं उसकी धमकी और बदनामी के चलते चुप रहा, लेकिन अब हर रोज वह मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताडि़त करता है।
मुझ पर पैसे के लिए अड़ीबाजी करता है। मेरी मौत का जिम्मेदार कुलदीप टायर वाला है। उसकी प्रताडऩा से दुखी होकर मैं जहर खाकर खुदकुशी कर रहा हूं।
एएसपी समीर यादव ने बताया है कि यह मजमून उस सुसाइड नोट का है, जिसकी बहन इकलौते भाई की मौत से दुखी होकर झील में कूदकर खुदकुशी करना चाहती थी।
परिजनों को यह सुसाइड नोट मृतक के कमरे से बरामद हुआ था। जिसे वह सीएम को सौंपना चाहते थे। लेकिन रविवार को पुलिस (MP police)ने उन्हें समझाइश दी और सख्त कार्रवाई का हवाला देकर सुसाइड नोट को जब्त कर लिया। सुसाइड नोट को पुलिस ने जांच में लेकर उसके आधार पर कुलदीप टायर वाला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
ये है मामला:
शुक्रवार रात राजधानी के चूनाभट्टी थाने की डायल-100 पर तैनात एक सिपाही और हवलदार के साथ महिला पीसीआर वैन-1 प्रभारी ने खुदकुशी करने जा रही महिला की जान बचा ली थी। करीब पौन घंटे तक महिला ने झील(Shahpura Lake) किनारे हंगामा किया, लेकिन उसे समझाइश देकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
दरअसल, महिला अपने इकलौते भाई की मौत की खबर सुनकर इतनी दुखी थी कि वह हॉस्पिटल से बाहर निकलकर खुदकुशी(Suicide) करने की धमकी देकर शाहपुरा झील की तरफ दौड़ लगा दी और झील के किनारे पहुंच गई। उसने दोपहर में भी झील में कूदने का प्रयास किया था, तब उसके पति ने उसे बचा लिया। गनीमत रही कि देर रात एन वक्त पर डायल-100 और महिला पीसीआर वैन पहुंच गई।
भाई की मौत की खबर लगते ही महिला हॉस्पिटल से बाहर निकलकर खुदकुशी(Commit Suicide) की धमकी देकर शाहपुरा झील की तरफ दौड़ लगा दी। उसके पति का इसका पता चला तो उसने डायल-100 को सूचना दी। महिला रेलिंग पार कर झील में कूदने ही वाली थी, तभी पुलिस ने पकड़ लिया। इस पर उसने झील किनारे जमकर हंगामा किया।
शव लेने से इनकार: शनिवार दोपहर बाद पुलिस ने मृतक के शव का पीएम कराकर उसे सुपुर्द करने को कहा, तो उसकी मां और बहन बिफर गईं। देर शाम तक न्याय की मांग करते हुए कहा कि उनके पास सोहन का सुसाइड नोट है, जिसे वह सीएम को देना चाहते हैं। परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया तो पुलिस ने मरचुरी में रखवा दिया है।
जब तक गिरफ्तारी नहीं, तब तक अंतिम संस्कार नहीं...
शुक्रवार रात युवक की मौत हो गई थी। शनिवार दोपहर बाद पुलिस ने शव का पीएम करा दिया था, लेकिन परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। इसके चलते पुलिस ने शव को मरचुरी में रखवा दिया। रविवार को परिजनों ने पुलिस को सुसाइड नोट सौंपा और कहा कि सुसाइड नोट में जिस युवक का नाम है, जब तक पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर लेती। तब तक वह शव नहीं लेंगे और न ही शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इधर पुलिस की दलील है कि रविवार को सुसाइड नोट मिलने के बाद लिखा-पढ़ी में देरी हो गई, जिसके चलते परिजनों को शव सुपुर्द नहीं कर सके।
इधर, बाथरूम में १२ वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म :-
सीहोर के रेहटी के एक अधेड़ ने मानवता को तार-तार करते हुए कक्षा 7वीं में पढऩे वाली 12 वर्षीय एक मासूम को बाथरूम में बुलाकर अपना हवस का शिकार बनाया। इसके साथ ही मासूम को इतना डरा दिया कि वह दो दिन तक किसी को कुछ नहीं कह सकी। पीड़ा होने पर आपबीती अपने मम्मी पापा को बताई। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार गांधी चौक के पास रहने वाला आरोपी रितेश गुप्ता (40) पुत्र इमरतलाल गुप्ता दुष्कर्म की शिकार छात्रा के मकान में किराए से रहता है। बताया जाता है कि आरोपी के बच्चों के साथ 12 वर्षीय छात्रा छत पर खेल रही थी।
इसी दौरान आरोपी ने उसे छात्रा को बुलाकर बाथरूम में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद छात्रा को इतना डरा धमका दिया कि वह किसी को नहीं बताए। जब पीड़ा बढऩे पर उसने अपने मां-बाप को बताया तो अधेड़ का असली चेहरा सामने लाने के लिए उसके पिता छात्रा को लेकर रात्रि में ही थाने आए और मासूम छात्रा ने अपने साथ हुए दुराचार को पुलिस को बताया।
परिजनों की रिपोर्ट के बाद आरोपी को उसके मकान से गिरफ्तार कर लिया गया है। पीडि़त छात्रा का मेडिकल पुलिस द्वारा होशंगाबाद में कराया गया है।
- रजनीकांत दुबे, थाना प्रभारी, रेहटी
Updated on:
18 Sept 2017 11:20 am
Published on:
18 Sept 2017 11:09 am
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