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इंदौर-भोपाल रूट पर चलेगी वंदे भारत ट्रेन, लोगों को मिलेगा रोजगार

हवा से तेज चलने वाली वंदे भारत ट्रेन की सौगात जल्द ही मध्यप्रदेश को मिलने वाली है, ये ट्रेनें एमपी के इंदौर, भोपाल और जबलपुर रेलवे रूट पर चलेगी.

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इंदौर-भोपाल रूट पर चलेगी वंदे भारत ट्रेन, लोगों को मिलेगा रोजगार

इंदौर-भोपाल रूट पर चलेगी वंदे भारत ट्रेन, लोगों को मिलेगा रोजगार

भोपाल. हवा से तेज चलने वाली वंदे भारत ट्रेन की सौगात जल्द ही मध्यप्रदेश को मिलने वाली है, ये ट्रेनें एमपी के इंदौर, भोपाल और जबलपुर रेलवे रूट पर चलेगी, जिससे लाखों यात्रियों को चंद घंटों में अपने शहर तक पहुंचने की बेहतरीन सुविधा मिलेगा, अच्छी बात यह है कि ट्रेन के कोच का मेंटेनेंस भी भोपाल में करने के लिए एक वर्कशाप बनाने की प्रस्ताव तैयार किया गया है। ये ट्रेन शुरू होते ही करीब 5 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

आपको बतादें कि हवा से बात करने वाली यात्री और माल ट्रांसपोर्टेशन के लिए बनाई वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस हब भोपाल में बनाया जाएगा। भोपाल मंडल को मिलने वाली इस ट्रेन का इस्तेमाल इंदौर भोपाल, जबलपुर रेलवे रुट पर हो सकेगा। ट्रेन के कोच की मेंटेनेंस के लिए बैरागढ़ के पास वर्कशॉप बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। केंद्र सरकार जल्द वंदे भारत ट्रेन का रैक भोपाल रेल मंडल को उपलब्ध करा सकती है। भोपाल में लगभग 5000 रोजगार मिलेंगे। इनमें मैकेनिकल टेक्निकल कपड़ा इंडस्ट्री सहित ट्रांसपोर्टेशन के बाकी विकल्पों से जुड़े लोगों की सेवाएं ली जानी है। वर्ष 2024 में भोपाल और निशातपुरा स्टेशन का री डेवलपमेंट का पहला चरण पूरा होगा। भोपाल स्टेशन पर जल्द ही अगला प्रोजेक्ट लाया जाएगा। इसके तहत रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की तर्ज पर एयर कॉनकोर्स तैयार होंगे। भोपाल, निशातपुरा, बीना सहित मंडल के बाकी स्टेशनों पर लगभग 100 करोड़ रुपए से निर्माण होने हैं।

डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट
डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय एवं सीनियर डीसीएम प्रियंका दीक्षित ने बताया कि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस प्रोजेक्ट के तहत भोपाल रेल मंडल के 80 स्टेशनों पर आधुनिक क्यूआर कोड फैसिलिटी उपलब्ध कराई गई है। फिलहाल यात्रियों को इसे स्कैन करने पर आरक्षण टिकट पर पांच फीसदी की छूट दी जा रही है जल्द ही वेंडरों के लिए क्यूआर कोड पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू हो रही है।

भोपाल स्टेशन के नवनिर्मित भवन के भूतल पर-क्लॉक रूम, स्टेशन निदेशक का कमरा और कार्यालय, प्रधान टिकट संग्राहक कार्यालय, दोनों सिरों पर एस्केलेटर, उपयुक्त स्थानों पर लिफ्ट-3 नंबर, जीएफ दोनों एफओबी के साथ दोनों पर सीढिय़ों से जुड़ाव, दोनों सिरों पर शौचालय ब्लॉक, पेयजल की व्यवस्था, इटारसी छोर पर पार्सल स्टोर रूम, यात्रियों की सुविधा हेतु समवर्ती क्षेत्र प्लेटफॉर्म एक से जुड़ाव, पोर्च क्षेत्र को नई इमारत तक पहुंचने सीढिय़ां और रैंप के साथ जुड़ाव। भोपाल स्टेशन के नवनिर्मित भवन के पहला तल पर दो शौचालय ब्लॉक, पहली मंजिल नए व पुराने फुट ओवरब्रिज से जुड़ाव,खाद्य क्षेत्र, मनोरंजन क्षेत्र आदि।

मंडल के ये स्टेशन शामिल
मंडल के 14 स्टेशनों (अशोकगनर, गंजबासोदा, विदिशा, बानापुरा, ब्यावरा-राजगढ़, इटारसी , गुना, होशंगाबाद, हरदा, खिरकिया, रूठियाई, सांची, शाजापुर एवं संत हिरदाराम नगर) का विकास किया जाएगा। इसके तहत उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म आदि विकास होंगे।

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यह भी काम किए
भोपाल, रानी कमलापति, नर्मदापुरम, इटारसी, विदिशा, बीना व शिवपुरी स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से संदिग्धों की निगरानी की जा रही है।