
गिरफ्तार
भोपाल। हनुमानगंज पुलिस ने एक सिपाही के गुम हुए दस्तावेजों का दुरुपयोग कर गाडिय़ां फाइनेंस करवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आवेदक सिपाही संतोष वर्मा निवासी टीलाखेडी जिला रायसेन ने शिकायत की थी कि उसका आधार कार्ड, पेन कार्ड , ड्रायविंग लायसेंस ,मतदाता परिचय पत्र ड्यूटी पर जाते समय रायसेन बाजार में कहीं गुम हो गए हैं। इन गुम दस्तावेजों के आधार पर अज्ञात लोगों ने अलग अलग दिनों में 3 सुजूकी एक्सेस मोपेड व एक हीरो आई स्मार्ट मोटर साईकल मेरे नाम से फायनेंस करवा ली थी। इनकी किस्तें जमा नही होने से बैंको से नोटिस आ रहे हैं।
हनुमानगंज पुलिस ने सिपाही की शिकायत को ध्यान में रखकर नगर पुलिस अधीक्षक एसपी अहरवाल के नेतृत्व में थाना प्रभारी हनुमानगंज महेन्द्र सिंह ठाकुर की टीम बनाई गई। जांच के बाद टीम ने मो खालिद पिता स्व. मो. वसीर (28) निवासी मकान नंबर 126 गली 3 नगर निगम कालोनी, कांग्रेस नगर काजी, रियाजउद्दीन पिता समशुद्दीन (23) निवासी 44 बाग मुफ्ती साहब नकी टेंट हाऊस के पास शाहजहांनाबाद, राहिल पिता रज्जाक निवासी अख्तर भाई की बेकरी के पास पुतली घर और खालिद फारूखी पिता मो अकील अहमद निवासी नारियल खेड़ा के गिरोह को पकड़ा है।
आरोपी राहिल ,खालिद ,रियाज , खालिद फारूखी के खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। पुलिस ने आरोपी रियाजउद्दीन व खालिद को गिरफ्तार कर संतोष वर्मा के नाम पर फायनेंस करवाई गई 3 एक्सेस मोपेड जप्त कर ली है। राहिल, खालिद फारूखी फरार है। खालिद को पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद अन्य वारदातों व अपराधों का भी खुलासा हो सकता है।
दोस्त से प्रभावित होकर की वारदात
गिरोह का मुख्य आरोपी मो खालिद है। वह पुराने दोस्त राहिल से प्रभावित था। राहिल गाडिय़ां फायनेंस का काम करता था और पैसे कमाता था। उसके ठाठ से खालिद भी प्रभावित हो गया। उसने भी पैसे कमाने की योजना बनाई। खालिद को न्यू मार्केट से फरियादी संतोष वर्मा के पहचान सबंधी दस्तावेज मिले।
खालिद ने राहिल को दस्तावेज के बारे में बताया। राहिल ने खालिद को बताया कि गाडिय़ां फायेनंस हो जाएगी और कहा मैं तुम्हे बैंक का खाता चेक बुक मेरे मिलने वाले अभिषेक से दिला दूंगा। राहिल ने मो खालिद को एक्सीस बैंक इमामीगेट शाखा की चेक बुक दिलाई। चेक के आधार पर आरोपी खालिद ने रियाजउद्दीन को संतोष वर्मा के रूप में पेश कर शो रूम में काम करने वाले फायनेंस कंपनी के एजेंट सेगाडिय़ां फाइनेंस करवा ली। बिना रजिस्ट्रेशन कराये, बिना नंबर प्लेट के स्वयं गाडिय़ां चलाते थे।
Updated on:
24 Jan 2020, 9:04 AM IST
Published on:
24 Jan 2020, 9:04 AM IST
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