पिछले दो दिन से हो रही झमाझम बारिश ने भोपालवासियों को तरबतर कर दिया है। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले बड़ा तालाब में सूखे का टोटा दूर होने को है। इसी तरह बारिश हुई तो शहर के जलस्रोतों में जरूरत भर का पानी भर जाएगा।
भोपाल. पिछले दो दिन से हो रही झमाझम बारिश ने शहरवासियों को तरबतर कर दिया है। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले बड़ा तालाब में सूखे का टोटा दूर होने को है। इसी तरह बारिश हुई तो शहर के जलस्रोतों में जरूरत भर का पानी भर जाएगा। बड़ा तालाब, कलियासोत और केरवा डैम में लगातार पानी बढ़ रहा है।
बड़े तालाब का जलस्तर लंबे समय से 1664.10 फीट पर था। शुक्रवार को यह 1664.35 फीट पर पहुंच गया। अपने फुलटैंक लेवल 1666.80 फीट पर पहुंचने के लिए करीब ढाई फीट पानी की और जरूरत है। झमाझम बारिश से शहर से जुड़े अन्य डेम और जलाशयों का जलस्तर बढ़ रहा है।
बड़ा तालाब
तालाब की जलभराव क्षमता 1666.80 फीट है। इसमें 1664.35 फीट पानी भर चुका है। अभी 2.45 फीट पानी की और जरूरत है।
कोलार डैम
कोलार डैम का वॉटर लेवल 1516.40 फीट है। अभी इसमें 1504.46 फीट पानी जमा है। यह 12 फीट खाली है। मीटर में बात करें तो जलभराव क्षमता 462.20 मीटर है। अभी 458.63 मीटर पानी है। इससे भोपाल शहर के 40त्न हिस्से में पानी सप्लाई होती है।
केरवा डैम
केरवा डैम की जलभरण क्षमता 1673 फीट है। अभी इसमें 1666.89 फीट पानी है। मीटर में बात करें तो जलभराव क्षमता 509.93 मीटर है। अभी 508.10 मीटर पानी है। इस साल अभी इसके गेट नहीं खुले। पिछले साल जुलाई में सभी गेट खुल गए थे।
कलियासोत डैम
कलियासोत डैम का वॉटर लेवल 1650.91 फीट है। डैम की जलभराव क्षमता 1659 फीट है। डैम अभी भी 9 फीट खाली है। मीटर में बात करें तो जलभराव क्षमता 505.67 मीटर है। अभी 503.25 मीटर पानी है।
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कई जगह पेड़ गिरे, बिजली फाल्ट की 200 शिकायतें
लगातार बारिश से शहर में कई जगह पेड़ गिर गए। इससे रोड जाम रहा। दस नंबर, शाहपुरा, बिट्टन मार्केट में पेड़ व उनकी टहनियां सडक़ पर गिरने की शिकायत नगर निगम में दर्ज हुईं। बारिश के चलते बिजली 24 घंटे में 200 से अधिक बिजली फाल्ट की शिकायतें दर्ज की गई। बिजली की आवाजाही भी चार गुना तक बढ़ गई। 60 से अधिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक प्रभावित हुई।
इन इलाकों में जलजमाव
लगातार बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। अयोध्या बायपास, करोंद, नर्मदापुरम रोड, रायसेन रोड, सिटी, छोला, संत हिरदाराम नगर और अशोका गार्डन समेत कई इलाकों में तेज बारिश से सड़कें जलमग्न हो गयीं। सबसे ज्यादा परेशानी बाणगंगा से लेकर करोद शिवनगर, पंचशील नगर से आरिफ नगर, दानिशकुंज से जुड़े क्षेत्रों, ओमनगर, अब्बास नगर और वंदना नगर में आईं। कई सरकारी दफ्तरों और स्कूलों में भी पानी भर गया।
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१२ घंटे में ढाई इंच हुई विजिबिलिटी 800 से 1500 रह गई, आरेंज अलर्ट जारी भोपाल. राजधानी पिछले दो दिनों से झमाझम बारिश से भीग रही है। इधर, १२ घंटे में करीब ढाई इंच बारिश हो गयी। शनिवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दिन भर अंधेरा छाया रहा। बादलों ने आसमान को ढंक लिया इसलिए विजिबिलिटी ८०० से १५०० के बीच रही। जबकि, सामान्य दिनों में यह 6000 के लगभग रहती है।
आगे के मौसम का ंहाल
मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिन में तेज बारिश की आशंका जतायी है। अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की गयी है। भोपाल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
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झमाझम बारिश की यह वजह
प्रदेश के आसपास तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं। साथ ही ट्रफ लाइन गुजर रही है। इससे राजधानी में झमाझम बारिश हो रही है। आगे भी बारिश जारी रहेगी।
एचएस पांडे, मौसम वैज्ञानिक
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इस तरह चला बारिश का क्रम
गुरुवार रात से ही बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार सुबह आठ बजे शहर में विजिबिलिटी घटकर 800 से 1500 रह गई। सामान्य दिनों में ये 6000 के लगभग रहती है। कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई। आधा घंटे तेज बारिश के बाद रफ्तार कुछ कम हुई। लेकिन पानी गिरने का सिलसिला रात तक चलता रहा। रात 8.30 करीब ढाई इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
सितंबर में बारिश का रिकॉर्ड
1961 में सबसे ज्यादा 767.7 मिमी यानी 30.22 इंच बारिश हुई
24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 233.2 मिमी यानी 9.18 इंच बारिश 2 सितंबर 1947 को
2019 में एक ही महीने में 22 इंच से ज्यादा बारिश हुई। सबसे कम बारिश 2013 में 1.65 इंच हुई
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गिरा तापमान, बंद हुए पंखे
शहर का तापमान एकाएक गिर गया। इससे लोगों को घरों में पंखे बंद करने पड़े। शहर में एक जून से अब तक 29.8 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य से 13.9 इंच कम है। सीजन की कुछ बारिश 40 इंच है।
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आपदा में यहां करें शिकायत
- मुख्य आपातकाल नियंत्रण कक्ष- 0755-2542222, 0755-2540220, 0755-2701401
- बीएमसी कॉल सेंटर- 18002330014, 155304
- बिजली कॉल सेंटर- 0755-2551222, 1912