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जल स्त्रोत : स्रोतों का हो सीमांकन, तभी होंगे सुरक्षित

सीमांकन के अभाव में लोग धरोहर पर कब्जा करते जा रहे

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भोपाल/औबेदुल्लागंज। गर्मी आते ही प्रशासन जल स्रोतों को जीवित रखने के लिए अभियान चलाता है, लेकिन आज तक जल स्रोतों के सीमांकन करने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया है। सीमांकन के अभाव में लोग धरोहर पर कब्जा करते जा रहे हैं। हर साल तालाब छोटे होते जा रहे हैं, कुएं विलुप्त हो चुके हैं।

कुंओं को बंद कर लोगों ने बाउंड्री कर अपने घरों के अंदर कर लिया है, लेकिन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। लोगों का कहना है कि जल स्रोत को जीवित रखने के साथ ही इनकी सीमा तय होना चाहिए, ताकि कोई भी कुंए, बावड़ी, तालाब, नादियों पर अतिक्रमण न कर पाए। यूथ कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता नेता सुभाष पटेल का कहना है कि प्रशासन ने आज तक इनके सीमाओं को चिहिंत नहीं किया।

कंजर समाज ने जाति प्रमाण-पत्र बनवाने मंत्री को सौंपा ज्ञापन

वहीं बैरसिया में कंजर समाज के प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए समाज के प्रतिनिधि मंडल लालसिंह आर्य अनुसूचित कल्यान विभाग के मंत्री महोदय से मिले कंजर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतू पटवारी, जीतेन्द्र झझोरिया जिला राजगढ़ एवं मदन हाडा प्रदेश महामंत्री कंजर समाज द्वारा जाति प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए मांग की गई।

उल्लेखनीय है कि कंजर समाज निवासी ढेकपुर करारिया में 1925 में कंजर समाज के लोग निवासरत हैं, एवं अच्छी शिक्षा की ओर अग्रसर हैं। बेटियां भी पढ़ रही हैं, परंतु इनके पास किसी भी जाति का प्रमाण-पत्र नही हैं। इससे ये सभी शासकीय सेवा एवं शासन की योजनाओं से वंचित हैं पास के जिले गुना में भी इनकी जाति विजोरी दर्ज थी, यही समस्या तहसील बैरसिया में भी है।

उक्त समस्या का निराकरण गुना जिले में कर दिया गया है। वहां इनके मूल जाति प्रमाण-पत्र जारी किए जाते हैं, उसी आधार पर तहसील बैरसिया में भी इनकी मूल जाति कंजर के प्रमाण-पत्र जारी करने की मांग की है। पूर्व में भी तहसील बैरसिया में इनके प्रमाण-पत्र कंजर जारी किए गए हैं। इस मौके पर राम सिंह विजयराम, विश्राम सिंह आदि उपस्थित थे।