
parvo virus
भोपाल.क्या आपका पपी भी असामान्य व्यवहार कर रहा है। उसे दस्त आ रहे हैं। वह सुस्त है तो तुरंत पशु चिकित्सक को दिखाइए। मौसम में एकाएक आए बदलाव से हो सकता है वह पार्वो वायरस की चपेट में आ गया हो। रोग की गंभीरता बढऩे पर आंत में संक्रमण हो सकता है। समय पर इलाज नहीं मिला तो खून की उल्टियां हो सकती हैं। राजधानी के पशु चिकित्सकों के पास पार्वो वायरस के रोजाना 4-5 मामले आ रहे हैं।
गर्मी में तेजी और मौसम में बदलाव की वजह से पालतू पशुओं की तबियत खराब हो रही है। मौसम बदलने के कारण कुत्तों के लिए सबसे घातक पार्वो वायरस सक्रिय हैं। जिनमें वैक्सीनेसन होता है, उन्हें कोई खतरा नहीं। लेकिन जिन्होंने अपने डॉगी का टीकाकरण नहीं कराया है, उनमें यह वायरस जल्दी अटैक करता है।
क्या करता है वायरस
पार्वो वायरस आंत में अवरोध पैदा करता है। इससे आंतों में संक्रमण हो जाता है। जिस कारण खूनी उल्टी-दस्त होने लगते हैं। कुत्ते के व्यवहार में अचानक बदलाव आ जाता है। पार्वो वायरस से प्रभावित कुत्ता खांसने लगता है। छींकें आती हैं। भोजन नहीं करता। पानी नहीं पीता और उसकी नाक में सूखापन आ जाता है।
टीकाकरण ही उपाय
वायरस से बचाने के लिए तीन टीके लगते हैं। पहला टीका पिल्ले को डेढ़ महीने की उम्र में, दूसरा ढाई और तीसरा टीका साढ़े तीन महीने की उम्र में। एक टीके की कीमत तकरीबन दो सौ रुपये है। राजकीय पशु चिकित्सालय में भी टीका उपलब्ध है।
वैक्सीनेसन से इस वायरस का उपचार संभव है। इसलिए समय पर अपने पालतू जानवरों का टीकाकरण जरूर करवाएं।
डॉ. विपिन पाल, वरिष्ठ पशु चिकित्सक
Published on:
09 May 2023 11:18 pm
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