
भोपाल। राजधानी में लगातार हो रही बारिश से करीब 20 काॅलाेनियाें व निचली बस्तियों में पानी भर गया है। इस दाैरान जहां पुराने भोपाल के नारियलखेड़ा क्षेत्र जलमग्न हो गया है। ताे वहीं वार्ड 12 के प्रेमनगर समेत अनेक क्षेत्र प्रभावित हुए है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम का जोन से लेकर वार्ड अमला बिल्कुल नदारद है।
वहीं दूसरी ओर साेमवार काे बस्तियों में भरे पानी के कारण पुराने और नये भोपाल की बस्तियों में पानी की निकासी को लेकर पार्षद जूझते रहे, इसके बावजूद हर जगह उनकाे सफलता नहीं िमल सकी। इतना ही नहीं इस दाैरान भाजपा के 40 से आधिक पार्षदों ने साेमवार काे दिनभर महापौर से सम्पर्क स्थापित करने की कोशिशें की परंतु उनके सभी प्रयास असफल रहे।
ऐसे में ये सवाल उठने शुरु हाे गए है कि आखिरकार महाप्रलय में राजधानी भोपाल की महापौर मालती राय कहां लापता हाे गई थीं। यहां तक की भोपाल में जिस वार्ड में खुद महापौर मालती राय रहती है उसमें भी कई घरों में पानी भरने की शिकायतें सामने आईं। इस दाैरान यहां कॉलोनियों में ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने के चलते सड़क पर ही पानी भराव हो गया है और गलियों से लेकर घरों तक पानी घुस गया।
लेकिन इसके बाद से महापाैर का कहीं कुछ पता नहीं मिला, बताया जाता है कि उन्हाेंने अपने पार्षदों तक का फाेन नहीं उठाया।
वहीं ये बात भी सामने आ रही है कि शहर में बारिश के कारण जलभराव और पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं। इसके चलते महापौर मालती राय कंट्रोल रूम पर पहुंची, जहां उन्होंने बारिश से बने हालात का जायजा लिया।
इसके अलावा सुभाष नगर में गिरे पेड़ की सूचना मिलने के बाद महापौर मालती राय सड़क पर निकली। इस दौरान उन्होंने स्वयं के सामने पेड़ों को हटवाया। जानकाराें का मानना है कि ऐसे में सबसे खास बात ये रही कि भले ही महापाैर मालती राय सड़क पर कुछ व्यवस्था कराने उतरीं हाे लेकिन उनके द्वारा अपने ही पार्षदाें का फाेन नहीं उठाना एक गंभीर विषय है।
जानकारी के अनुसार उत्तर भोपाल के जोन क्रमांक 3 के वार्ड 12 के घरों में भी बारिश का पानी भर गया है। स्थानीय लोगों ने नव निर्वाचित पार्षद देवेन्द्र भार्गव का घेराव कर दिया। समस्या देखने पहुंचे पार्षद भार्गव ने निगम अधिकारियों से सम्पर्क कर मौके पर स्थितियां की जानकारी के साथ आपात स्थिति से निपटने के लिए बुलाया। लेकिन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचने से इनकार कर दिया है।
ऐसे में यहां तीन-चार घंटे घरों में पानी भरा रहने से लोगों में आक्रोश है। पार्षद देवेन्द्र भार्गव ने अधिकारियों के रवैये से नाराज नजर आए। भार्गव ने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक पार्षद पद की शपथ लेने से किया इनकार कर दिया है। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए वार्ड 12 के पार्षद शपथ लेने से पहले धरने पर भी बैठेंगे।
Published on:
23 Aug 2022 10:42 am
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