
Wine shop at Mrs. Sari Mall
भोपाल। बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 20 करोड़ रुपए का ऋण लेने और वापसी नहीं करने पर बैंक अधिकारियों सहित तहसीलदार मंगलवार को दल-बल के साथ बिट्टन मार्केट स्थित श्रीमती साड़ी मॉल पर भौतिक कब्जे की कार्रवाई करने पहुंचे। हालांकि न्यायालय के स्टे के चलते कार्रवाई स्थगित हो गई।
अब बैंक सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई करेगा। ऋणी ग्रुप ने शोरूम के एक हिस्से को किराए पर दे रखा है। जहां शराब की दुकान संचालित हो रही है। एक हिस्से में रखा माल पहले ही खाली होना बताया जा रहा है। दरअसल बिट्टन मार्केट में संचालित श्रीमती साड़ी मॉल के संचालकों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से वर्ष 2013 में 20 करोड़ रुपए का ऋण लिया था, जो बढक़र करीब 28 करोड़ रुपए हो गया है। ऋणी फर्म को बैंक ने टर्मलोन एवं केस क्रेडिट की सुविधा दी थी।
समय पर ऋण नहीं चुकाने पर 2015 में मॉल संचालकों का खाता एनपीए हो गया। बार-बार तकादा, नोटिस के बावजूद जब ऋण की रिकवरी नहीं हुई तो बैंक प्रबंधन ने सरफेसी एक्ट के तहत लीलवानी ग्रुप के प्रॉपर्टी के लिए भौतिक कब्जे की कार्रवाई शुरू की। इसके लिए मंगलवार को महाराष्ट्र बैंक के अधिकारी, तहसीलदार भुवन गुप्ता एवं एसडीएम पुलिस को साथ लेकर साड़ी मॉल पर पहुंचे। यहां संचालकों ने न्यायालय का स्टे ऑर्डर की बात कहकर कब्जे की कार्रवाई रुकवा दी। बाद में पूरा अमला बिना कार्रवाई के वापस लौट गया।
बैंक के पास प्रॉपर्टी मॉडगेज
बैंक अधिकारियों ने बताया कि उनके पास लीलवानी ग्रुप को दिए गए ऋण के बदले प्रॉपर्टी मॉडगेज (बंधक) है। बिट्टन मार्केट जैसे क्षेत्र में लीलवानी ग्रुप की प्रॉपर्टी की कीमत ऋण राशि से कहीं ज्यादा बताई जा रही है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि वे न्यायालय में याचिका दायर करेंगे ताकि बैंक के पैसे वापस हो सकें।
श्रीमती साड़ी मॉल की प्रॉपर्टी के भौतिक कब्जे की कार्रवाई मंगलवार को अधूरी रह गई। आगे न्यायालय के आदेश के अध्ययन कर सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाएंगे। जीआर सिंह, चीफ मैनेजर, एसेट रिकवरी सेल, बैंक ऑफ महाराष्ट्र
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से फिलहाल श्रीमती साड़ी मॉल के भौतिक कब्जे की कार्रवाई रोक दी गई है। आगे न्यायालय के आदेश के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। भुवन गुप्ता, तहसीलदार, टीटी नगर वृत्त
Published on:
30 May 2018 07:48 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
