
महिला विधायक भी यहां रखती हैं हथियार
भोपाल@डॉ. दीपेश अवस्थी की रिपोर्ट...
जब भी रिवाल्वर, पिस्टल, बंदूक की बात होती है तो कुछ अलग ही तस्वीर उभरकर सामने आती है। मध्यप्रदेश में विधायकों के लिए यह स्टेटस सिंबल है। इसे उनका हथियार प्रेम भी कहा जा सकता है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि 65 विधायक अपने पास हथियार रखते हैं।
महिला विधायक भी पीछे नहीं हैं। हालांकि अधिकांश का तर्क है कि उन्होंने शौक के लिए हथियार खरीदे, उन्हें कभी इनके इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ी।
वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को दिए शपथ पत्र से पता चलता है कि कई मंत्री और विधायक तो ऐसे हैं जिनके पास एक से ज्यादा हथियार हैं। कई पुरुष विधायक तो ऐसे भी हैं जो स्वयं तो हथियार रखते हैं, उनकी पत्नी के पास भी लायसेंसी हथियार हैं। ऐसे विधायकों की संख्या आधा दर्जन से अधिक है।
ग्वालियर-चंबल और मालवा में हथियार के अधिक शौकीन -
ग्वालियर, चंबल में हथियार तो स्टेटस सिम्बल के तौर पर है। यहां के 13 विधायकों के पास हथियार हैं। कुछ तो एेसे हैं जिनके पास एक से अधिक हथियार हैं। एेसी ही स्थिति विध्य और बुंदेलखण्ड की है।
विध्ंय में 6 और बुंदेलखण्ड में 8 विधायकों के पास हथियार हैं। मालवा में सर्वाधिक 14 और मध्यभारत के 13 विधायकों ने हथियार के लायसेंस होना स्वीकार किया।
ये महिला विधायक भी हथियार की शौकीन -
कुसुम महदेले - पन्ना विधायक और राज्य सरकार में मंत्री हैं। इनके पास 0.30 बोर, 0.22 बोर और 0.33 बोर की रायफल हैं।
ललिता यादव - छतरपुर से विधायक और राज्य सरकार की मंत्री हैं। इनके पास एक रिवाल्वर है।
चंदा देवी गौर - खरगापुर से कांग्रेस विधायक हैं। 12 बोर दुनाली, 315 बोर रायफल है इनके पास।
इमरती देवी - डबरा से कांगे्रस विधायक हैं। इनके पास एक रिवाल्वर है।
प्रमिला सिंह टेकाम - जयसिंह नगर से भाजपा विधायक हैं। इनके पास रायफल है।
ये मंत्री भी रखते हैं हथियार -
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत 15 मंत्री ऐसे हैं जिन्होंने संपत्ति के ब्यौरा के शपथ पत्र में अपने पास हथियार होना स्वीकार किया। इनमें गौरीशंकर शेजवार, नरोत्तम मिश्रा, गौरीशंकर बिसेन, कुसुम महदेले, पारस जैन, रामपाल ङ्क्षसह, शरद जैन, विजय शाह, लाल सिंह आर्य, नारायण सिंह कुशवाहा, विश्वास सारंग हर्ष सिंह, जालम सिंह पटेल, ललिता यादव, शामिल हैं।
मंत्री कुसुम महदेले, विजय शाह, नारायण सिंह कुशवाहा और हर्ष सिंह तो ऐसे हैं जिनके पास एक से अधिक हथियार हैं। हालांकि यह बात अलग है कि इन्हें हथियार लेकर चलने की जरूरत शायद ही पड़ी हो, क्योंकि इन्हें राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा मिलती है।
हां यह सही है मेरे पास हथियार का लायसेंस है, लेकिन मैं हथियार नहीं रखती। बल्कि मैंने तो अपना हथियार बेच दिया है, अब सिर्फ लायसेंस ही मेरे पास है।
- ललिता यादव, भाजपा विधायक एवं मंत्री
पिताजी की पिस्टल थी, मेरे पास आ गई तो लायसेंस लेना पड़। रायफल शौकिया तौर पर ले ली थी। मेरे व्यवसाय के हिसाब से सुरक्षा के लिए भी जरूरी थी। हालांकि कभी इसकी जरूरत नहीं पड़ी।
- शैलेन्द्र जैन, भाजपा विधायक सागर
मैं तो जनप्रतिनिधि हूं, मुझे हथियार की जरूरत नहीं है। मैंने हथियार शौक में लिया था, बहुत पुराना लायसेंस है।
- इमरती देवी, कांग्रेस विधायक डबरा
हथियार सुरक्षा के लिए है, क्षेत्र में जंगली इलाका भी है, कई बार रात्रि में वहां से गुजरना होता है, इसलिए सुरक्षा के लिए हथियार जरूरी है।
- गोपाल सिंह चौहान, कांग्रेस विधायक चंदेरी
Updated on:
29 Sep 2018, 2:32 PM IST
Published on:
29 Sep 2018, 2:27 PM IST
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