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वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, इतने साल में छोड़ना पड़ सकता है एमपी

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, इतने साल में छोड़ना पड़ सकता है एमपी

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वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, इतने साल में छोड़ना पड़ सकता है एमपी

भोपालः देश के पर्यावरण में आ रहे तेज़ी से बदलाव के कारण यहां के जनजीवन पर इसका प्रभाव काफी तेज़ी से पड़ना शुरु हो रहा है। इस जलवायु परिवर्तन का असर मध्य में सबसे ज्यादा पड़ रहा है। इसके अलावा और भी कुछ राज्य हैं, जिनपर यह खतरा मंडरा रहा है, उत्तर और उत्तर-पश्चिम के राज्य शामिल हैं।

2050 तक प्रदेश समेत इन राज्यों पर बड़ा खतरा!

वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, साल 2050 तक मध्य प्रदेश के साथ साथ छत्तीसगढ़ के बड़े इलाके के जीवनस्तर पर गहरा असर पड़ेगा। वर्ल्ड बैंक के अनुमान के मुताबिक, इस राज्य का जीवन स्तर 10 फीसदी तक गिर सकता है। जलवायु परिवर्तन परिणाम इस तरह से सामने आएंगे जैसे किसी भी इलाके में सूखा पड़ जाएगा या किसी इलाके में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थितिया पैदा हो जाएंगी। इससे जन-जीवन को बड़ा नुकसान हो सकता है।

इतने दिन में बन जाएंगे देश के गर्म जिले!

वर्ल्ड बैंक द्वारा जारी रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि, जैसै जैसे वातावरण में बदलाव आएगा, वैसे वैसे देश के दस ज़िले ऐसे हैं जो अधिक गर्म हो जाया करेंगे। इन ज़िलों में महाराष्ट्र के सात ज़िलों का नाम है, छत्तीसगढ़ के दो ज़िलों का नाम है और मध्य प्रदेश के होशंगाबाद ज़िले का नाम भी इसमें दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कहा गया है कि, देश के यह ज़िले आगामी 32 सालों में देश के सबसे गरम इलाकों में से एक माने जाएंगे।

दो डिग्री तक बढ़ेगा तापमान!

विश्व बैंक ने भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों को इसे लेकर उस समय सतर्क किया है, जब अकेले भारत के तापमान सालाना डेढ़ से दो डिग्री तक की बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2015 के पेरिस समझौते में भी इस बात पर चिंता जताई जा चुकी है। ऐसे में यदि इन बदलावों से बचाव के उपाय नहीं किए गए तो तापमान का यह स्तर 2050 तक आते-आते डेढ़ से तीन डिग्री तक बढ़ सकता है। वर्ल्ड बैंक के एक अर्थशास्त्री मुथुकुमार मनी ने बताया कि, जलवायु परिवर्तन के चलते जीवन स्तर में होने वाले इन बदलावों का आकलन भारत में लोगों के 2010 में रहन-सहन के स्तर और अलग-अलग इलाकों में मिलने वाले संसाधनो के इस्तेमाल के कारण हुआ है।