
मध्यप्रदेश की नर्मदा नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट (Floating Solar Power Plant) बनकर तैयार है। जल्द ही यह बिजली का भी उत्पादन शुरू करने वाला है। खंडवा जिले के ओंकारेश्वर डैम
(Omkareshwar Dam) के बैकवाटर पर एनएचडीसी ने इसे तैयार किया है। 88 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का काम तेजी से पूरा हो रहा है। यह संयंत्र हमें सस्ती बिजली प्रदान करेगा। यहां तीन चरणों में काम हो रहा है। पहले चरण में इंधावली,
केलवा बुजुर्ग में प्लांट का काम तेजी से चल रहा है।
हाल ही में नर्मदा हाइड्रोइलेक्ट्रिकल डवलपमेंट कार्पोरेशन (NHDC) के प्रबंध निदेशक विजय कुमार सिन्हा ने खंडवा जिले के ईधावाड़ी गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को 31 मार्च 2024 तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर
पर ओंकारेश्वर पावर प्लांट एवं सोलर प्रोजेक्ट के परियोजना निदेशक धीरेंद्र कुमार द्विवेदी, महाप्रबंधक (सिविल) जीएल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
पर्यटन भी बढ़ेगा
मध्यप्रदेश का खंडवा जिला भारत का एक मात्र जिला है, जहां थर्मल यानी कोयला, हाइडल यानी पानी और सोलर यानी सौर ऊर्जा से बिजली बनेगी। यहां थर्मल और हाइडल से बिजली तो बनती ही है, इसमें सौर ऊर्जा भी जरूर जुड़ जाएगा। इसके बाद यहां
पर्यटन भी बढ़ने लगेगा। राज्य सरकार का दावा है कि मध्यप्रदेश दुनिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट जब पानी में तैरता नजर आएगा तो देशी-विदेशी टूरिस्ट भी खिंचे चले आएंगे।
एक नजर
12.5 किलोमीटर क्षेत्र में फैला है यह प्रोजेक्ट
2000 हेक्टेयर जल क्षेत्र में बिजली का उत्पादन होगा
1400 एकड़ क्षेत्र में फैला नजर आएगा।
3000 करोड़ की लागत वाला प्रोजेक्ट
सोलर प्लेट्स से 70 फीसदी पानी का वाष्पन रुकेगा
प्लांट से होंगे ये फायदे
-12 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन को रोका जा सकेगा।
-इससे सरकार को जमीन खरीदनी नहीं पड़ी। निवेश की बचत भी हो गई।
-गर्मी के दिनों में वाष्पीकरण कम होगा।
-हाइड्रिक, थर्मल पावर के साथ ही सोलर पावर प्रोजेक्ट भी शुरू हो जाएगा।
-इन बड़े प्रोजेक्ट को देखने के लिए पर्यटक भी आएंगे।
Published on:
03 Feb 2024 06:47 pm
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