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राखी तो बंधवा ली, अब यह भी जान लीजिए रक्षासूत्र को उतारे कैसे

पंडितों का कहना- रक्षाबंधन पर राखी बांधने के बाद इसे सावधानीपूर्वक उतारकर रखे, कलाई से उतारकर फेकने से लगता है दोष I

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raksha bandhan 2023

भोपाल. भाई बहन के अटूट बंधन का पर्व रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और रक्षा का वचन लिया। राखी का यह बंधन भाई बहन के रिश्ते के लिए अटूट माना जाता है। ऐसे में शास्त्रों में राखी के धागे का काफी महत्व बताया गया है। राखी बांधने से लेकर उतारने के कई नियम शास्त्रों में वर्णित है। आमतौर पर कई लोग राखी बांधने के बाद इसे उतारकर रख देते हैं, अथवा राखी टूटने पर यहां वहां फेंक देते हैं। पंडितों का कहना है कि इसके कारण दोष लगता है। इसलिए राखी बांधने के बाद इसे सुरक्षित रूप से उतारकर रखना चाहिए।

जन्माष्टमी के बाद गोगावीर को अर्पित कर प्रवाहित करते हैं राखी

पं. विष्णु राजौरिया का कहना है कि राखी बांधने और उतारने के कुछ नियम है। शुभ मुहूर्त में राखी बांधी जाती है, भद्रा के दौरान राखी नहीं बांधी जाती है। इसी प्रकार राखी बांधने के बाद उसे निकालकर यहां वहां नहीं फेंकना चाहिए। जन्माष्टमी के अगले दिन गोगा नवमी पर विधिवत पूजन करने के बाद राखी गोगावीर को समर्पित करनी चाहिए और इसे जल में प्रवाहित करना चाहिए। ऐसा करने से भाई बहन का रिश्ता मजबूत होता है।

साल भर तक सुरक्षित रहनी चाहिए राखी ब्रह्म ज्योतिष संस्थान के पं. जगदीश शर्मा का कहना है कि नियमानुसार राखी को हाथ से नहीं उतारना चाहिए। अगर उतारना है तो उसे सुरक्षित किसी लाल रंग के कपड़े में रखकर पूजन घर अथवा भाई बहनों के सामान के साथ सुरक्षित रखना चाहिए। अगले साल रक्षाबंधन पर पुरानी राखी को प्रवाहित कर नई राखी बांधना चाहिए। अगर राखी कलाई पर बंधी है और टूट जाती है तो उसे फेकना नहीं चाहिए, बल्कि जल में प्रवाहित करना चाहिए, अथवा बरगद,पीपल, शमी वृक्ष के पास एक सिक्का और टूटी हुई राखी भी रख सकते हैं। कलाई पर बंधी हुई राखी का अगर नियमानुसार प्रवाह नहीं किया जाता है तो इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में आती है। टूटी हुई राखी को यहां वहां फेंकना भी अशुभ माना गया है।

शुभ दिनों में करना चाहिए विसर्जन

ज्योतिषाचार्य अंजना गुप्ता ने बताया कि रक्षाबंधन के बाद राखी का विसर्जन हलछठ अथवा अनंत चतुर्दशी के दिन कर सकते हैं। जो लोग विसर्जन नहीं करते हैं और कलाई पर राखी लंबे समय तक बांधे रहते हैं, उन्हें इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि सूतक, ग्रहण आदि के पूर्व राखी का विसर्जन कर दें।