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#Father’s Day : घर सबसे बड़ा गुरुकुल, पापा सबसे बड़े गुरु

भोपाल। कहते हैं पिता जीवन में सबसे बड़े गुरु होते हैं। जीवन की हर छोटी-बड़ी मुश्किल से लडऩा पिता ही सिखाते हैं। पिता का ओहदा और सम्मान दुनिया में अनमोल है। आज फादर्स डे है और इस मौके पर शहर के कुछ सक्सेसफुल लोगों ने शेयर की अपने पिता से सीखी बाते… अपने पिता को […]

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sanjana kumar

Jun 19, 2016

fathers day

fathers day gifts

भोपाल। कहते हैं पिता जीवन में सबसे बड़े गुरु होते हैं। जीवन की हर छोटी-बड़ी मुश्किल से लडऩा पिता ही सिखाते हैं। पिता का ओहदा और सम्मान दुनिया में अनमोल है। आज फादर्स डे है और इस मौके पर शहर के कुछ सक्सेसफुल लोगों ने शेयर की अपने पिता से सीखी बाते... अपने पिता को गुरु मानने वाले इन सब लोगों का कहना है कि आज ये जो भी हैं, सब पिता की वजह से।

अपने सारे सिध्दांत सिखा गए पापा

fathers day

गिरधर किनाल, डायरेक्टर, आईआईएफएम, भोपाल
पिता: अनंत आचार्य

आज मैं जो भी हूं, पिता जी की वजह से ही हूं। उन्हीं के प्रोत्साहन और सिध्दांतों को मैं अपने जीवन में उतारे हूं। पिताजी बहुत सिद्धांतवादी थे और उनका सबसे बड़ा सिध्दांत था ईमानदारी। उन्होंने पूरा जीवन हमको यही सिखाया। वे कहते थे कि बेटा जितना है, बहुत है और इसी में जीना सीखो। ईमानदारी की कमाई से आगे एक रुपया भी मत लेना। वे इतने नेक दिल थे कि हमेशा खुद से पहले दूसरों का भला करते थे। उन्होंने हम पर कोई चीज थोपी नहीं, बल्कि उनके जीवन जीने के तरीके से उनके सिध्दांत मैंने जीवन में उतारे। अपने आखिरी समय में वे हम सबसे कहकर गए थे कि सब मिलजुलकर रहना। मैं उन्हें सिर्फ इस दिन नहीं हर दिन मिस करता हूं।

मेरे लिए सब कुछ हैं मेरे पापा

fathers day

अमित अग्रवाल, बिजनेसमैन
पिता : मोहन अग्रवाल

मेरे ही जीवन में नहीं हर किसी के जीवन में पिता सब कुछ होते हैं। उन्हें इसीलिए तो सम्पूर्ण कहते हैं। पिता ही हम बच्चों को सही मार्गदर्शन देते हैं। मैंने तो जीवन के संस्कारों से लेकर अपने कॅरियर और बिजनेस की हर बात भी पिताजी से ही सीखी। मैंने पिताजी से हार्डवर्किंग, अनुशासन और मैनेजमेंट भी सीखा। यह बातें पहले पापा ने घर से सिखाईं, फिर बिजनेस में भी। घर सबसे बड़ा गुरुकुल होता है और पिता सबसे बड़े गरु।। पापा और मैं आज भी सुबह का आधा घंटा पूरे दिन की प्लानिंग करते हैं और दिनभर का शेड्यूल तय करते हैं। पिता के साथ बिताया हर दिन मेरे लिए स्पेशल है।

वो बच्चों के साथ बच्चे बन जाते थे

fathers day

लता मुंशी, भरतनाट्यम नृत्यांग्ना
पिता: हरचरण सिंह

मेरे पापा का ही सपना था, मैं आज जो भी कुछ हूं। उन्हीं का मार्गदर्शन और सहयोग था कि मैंने जीवन में संघर्ष करना कभी नहीं छोड़ा। मैंने अपने पिता जैसा सरल पुरूष कहीं नहीं देखा। पिताजी सबसे प्यार करते थे। वे कहते थे कि प्यार से दुश्मन को भी दोस्त बनाया जा सकता है। वे हर किसी को उसकी गलतियों के लिए माफ कर देते थे। आज पिताजी नहीं हैं, लेकिन वे केवल शरीर से साथ नहीं है। वे हर छोटे से मौके को भी त्योहार की तरह मनाते थे। वे जीवन को पूरे एंजॉय के साथ जीते थे। वे कभी-कभी तो हम बच्चों के साथ बच्चे बन जाते थे।

भूखे रहकर मेरे लिए भटके पापा

fathers day

दीपक जैन, सीए, एक्स प्रेसिडेंट ऑफ आईसीएआई
पिता : आजाद कुमार जैन

हम लोअर मिडिल क्लास फैमिली से थे। पिता जी का सपना था कि मैं सीए बनूं। मैंने उन्हें इस सपने के लिए दिन-दिन भर भूखे रहते देखा है। जब पापा मुझे सीए फर्म में लाए थे, तो उस फर्म का एड्रेस चेंज हो गया था। पापा बहुत परेशान हो गए। वे पूरे दिन भूखे रहके इधर-उधर भटके। उसी दिन मैंने तय कर लिया था सीए बनने का। मैं अपने पापा की ईमानदारी से सबसे ज्यादा इंस्पायर हूं और उसे जीवन में उतारा भी है। उनकी कही हर बात मेरे लिए अनमोल है।
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