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हफ्ते में एक दिन असहाय गरीबों को भोजन कराते हैं युवा

सेवा कार्य के लिए युवाओं की पहल, गरीबों के लिए चला रहे सर्वधर्म लंगर योजना - हर रविवार को ३०० से अधिक गरीबों को उपलब्ध कराते हैं भोजन भोपाल  खुद के पे

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मीनू के आधार पर नहीं मिल रहा बच्चों को भोजन

शहर के कुछ युवाओं ने इसकी शुरुआत दो साल पहले सर्वधर्म लंगर योजना शुरू कर की। हर रविवार को युवा शहर में कई स्थानों पर जाकर गरीबों को भोजन कराते हैं। इसके लिए रविवार का दिन इसलिए चुना है, कि अधिकांश युवाओं की छुट्टी रहती है, और वे यह दिन इस तरह के सेवा कार्य कर करते हैं। युवा शहर में जाकर जगह-जगह पुड़ी, सब्जी, खिचड़ी बांटते हैं।

बांटने के लिए दोने, डिस्पोजल आदि की व्यवस्था रहती है। अस्पतालों के रैन बसेरों में रहने वाले मरीजों के परिजन, रेलवे स्टेशन पर रहने वाले गरीब और असहाय लोगों को यह भोजन वितरित किया जाता है। ग्रुप में ८० लोग योजना के अध्यक्ष मोइन खान ने बताया कि आमतौर पर कई लोग सडक़ों पर भटकते रहते हैं, लेकिन उन्हें भोजन नहीं मिल पाता, एेसे लोगों की कम से कम सप्ताह में एक दिन तो मदद कर ही सकते हैं, एेसे लोगों को राहत मिले, इसलिए हमने यह योजना शुरू की है।

हमने इसकी शुरुआत तीन चार लोगों ने मिलकर की थी, लेकिन इस नेक कार्य में और भी लोग हमारे साथ जुड़ते चले गए, वर्तमान में हमारे साथ ८० युवा है। हम आपस में भी पैसे एकत्रित करते हैं, सभी सदस्य अपनी श्रद्धानुसार पैसे देते हैं कोई ५००, कोई १००० तो कोई २०० रुपए देता है। इस पैसे से ही हम गरीबों के खाने के लिए व्यवस्था जुटाते हैं।

हमारे ग्रुप में मुकेश पालीवाल, अनिल मालवीय, नितिन प्रभाते, विजय साहू, राजेंद्र मालवीय, गौरीशंकर मालवीय, प्रमोद राठौर, ईशान उपाध्याय संजय पांडे सहित ८० लोग जुड़े हुए हैं। पंचशील से होता है शुरू, रेलवे स्टेशन पर समाप्त इस लंगर की गाड़ी की शुरुआत पंचशील नगर स्थित जैन मंदिर के पास से होती है।

योजना के उपाध्यक्ष सोनू पुरोहित ने बताया कि हम लोग जैन मंदिर के पास ही खाना बनाते हैं, और फिर खाना लोडिंग ऑटों में रखकर निकलते हैं। सभी युवा बाइक से जाते हैं, इसके बाद जेपी अस्पताल, रेडक्रास अस्पताल, हबीबगंज स्टेशन, से होते हुए मुख्य स्टेशन पहुंचते हैं, रास्ते में जो भी गरीब, असहाय अथवा भिखारी मिलता है, उन्हें खाना देते हैं।