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जीका-निपाह जैसे खतरनाक वायरस की जांच के लिए सीहोर में बनेगी केन्द्र सरकार की लेवल-3 लैब

-एनसीडीसी डायरेक्टर ने लैब के लिए प्रस्तावित जमीन का किया निरीक्षण

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जीका-निपाह जैसे खतरनाक वायरस की जांच के लिए सीहोर में बनेगी केन्द्र सरकार की लेवल-3 लैब

जीका-निपाह जैसे खतरनाक वायरस की जांच के लिए सीहोर में बनेगी केन्द्र सरकार की लेवल-3 लैब

भोपाल. निपाह और जीका जैसे खतरनाक वायरस की जांच के लिए सैंपल पुणे या कोलकाता भेजने की जरूरत नहीं होगी। वायरस की जांच के लिए केन्द्र सरकार का नेशलन सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल(एनसीडीसी) राजधानी के पास बीएसएल लेवल-3 लैब बनाएगा। बुधवार को एनसीडीसी के डायरेक्टर डॉ. सुजीत सिंह ने सीहोर जिले में भोपाल-इंदौर हाईवे के पास जमीन का निरीक्षण कर जल्द निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
मालूम हो कि एनएसडीसी हर राज्य में एक सेंटर बनाने जा रहा है, जिसमें एक उच्च स्तरीय लैब तैयार की जाएगी। इस लैब में जीका- निपाह जैसे खतरनाक वायरस की जांच होगी। मप्र में यह लैब भोपाल के पास सीहोर में इंदौर हाईवे पर बनेगी। इसके लिए पांच एकड़ जमीन का आवंटन हो चुका है। फिलहाल लैब निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 10 करोड़ रुपए जारी किए हैं।

प्रदेश में सिर्फ एक लैब

वर्तमान में जबलपुर में आईसीएमआर की लैब है, जिसमें स्वाइन फ्लू की जांच होती है। सीहोर में बनने वाली यह लैब इससे दो गुना बड़ी होगी। बीते साल राजधानी सहित आसपास के क्षेत्रों में जीका के 150 से ज्यादा मरीज सामने आए थे। इनमें से 6 मरीजों की मौत भी हुई थी। उस समय जांच के लिए सैंपल पुणे भेजे गए थे, लेकिन रिपोर्ट आने में एक महीने से ज्यादा का समय लगा था।
जमीन मिलने में हुई देरी

केन्द्र सरकार और एनसीडीसी के अधिकारी राज्य सरकार से सेंटर के लिए जमीन की मांग कर रहे थे। पहले ईदगाह हिल्स स्थित टीबी अस्पताल की जमीन को देने की बात कही गई, पर बाद में इनकार कर दिया। लंबे इंतजार के बाद सीहोर जिले में इस सेंटर को जमीन आवंटित हुई है। बताया जा रहा है कि औपचारिकताओं के बाद सेंटर का निर्माण शुरू हो जाएगा।