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(भुवनेश्वर): क्या बीजू जनता दल को नया नेता मिल गया? ओडिशा के राजनीतिक गलियारों में बीते पांच साल से तैर रहे इस सवाल का जवाब शायद मिलने के करीब है। ओडिशा की एक वेबसाइट की मानें तो बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक के भतीजे अरुण पटनायक को बीजेडी (बीजू जनता दल) की कमान देर-सबेर सौंपी जा सकती है। अरुण पटनायक की ओडिशा की राजनीति में सक्रियता को लेकर अटकलों का बाजार बीते काफी समय से गरम है। वह नवीन पटनायक के बड़े भाई प्रेम पटनायक के बेटे हैं। सूत्रों बताते हैं कि अरुण पटनायक को हिंजली विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ाया जा सकता है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता इस पक्ष में हैं, पर नवीन बाबू का मूड देखकर फिलहाल चुप्पी साधे हैं। नवीन पटनायक ने अबकी दो सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। पहला हिंजली और दूसरा बिजैपुर विधानसभा क्षेत्र से। दोनों सीटों से वह विजयी रहे। पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि हिंजली सीट वह खाली कर सकते हैं। यहां पर होने वाले उपचुनाव में अरुण पटनायक पर्चा दाखिल कर सकते हैं।
नवीन पटनायक 29 मई को पांचवी बार ओडिशा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके शपथ समारोह में अरुण पटनायक भी आ सकते हैं। सबकी निगाहें उन्हीं पर होंगी। पटनायक अविवाहित हैं। उनके परिवार में उनके बड़े भाई, भतीजा और बहन गीता मेहता हैं। बताते हैं कि इन सभी को न्योता भेजा गया है। बीजू पटनायक की सक्रियता के दौरान नवीन पटनायक के राजनीति में आने को लेकर ओडिशा में चर्चा तक नहीं थी। हालात ऐसे बनते गए कि नवीन बाबू सक्रिय हुए। आसका लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर वह लोकसभा पहुंचे थे। नवीन के राजनीतिक उत्तराधिकारी को लेकर अरुण के नाम की चर्चा है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी भी चाहती है कि ओडिशा की राजनीतिक विरासत पटनायक परिवार के हाथों में ही रहे। शायद इसीलिए अब तक दूसरी पंक्ति के प्रभावशाली नेता के रूप में किसी का नाम नहीं आया।
एक पत्रिका को दिए गए इंटरव्यू में नवीन पटनायक ने कह भी चुके हैं कि बीजेडी का उत्तराधिकारी कौन होगा? यह ओडिशा के लोग ही तय करेंगे। उनके इस जवाब निहितार्थ भी समय-समय पर निकाले जाते रहे हैं। प्रवक्ता सुलोचना दास कहती हैं कि नवीन पटनायक खुद कह चुके हैं कि बीजेडी का अगला नेता लोग चुनेंगे। फिर यह सवाल ही काल्पनिक है।
Published on:
27 May 2019 08:51 pm

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