
कोर्ट। (फाइल फोटो)
ओडिशा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने रूटीन एडमिनिस्ट्रेटिव फैसलों को चुनौती देने वाली PIL के गलत इस्तेमाल पर नाराजगी जाहिर की है।
कोर्ट ने एक पब्लिक ऑफिसर की पोस्टिंग पर सवाल उठाने वाली गलत याचिका दायर करने के लिए पांच याचिकाकर्ताओं पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
चीफ जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस एमएस रमन की बेंच ने कहा कि यह याचिका PIL के अधिकार क्षेत्र का साफ तौर पर गलत इस्तेमाल है। जहां एक पब्लिक ऑफिसर की पोस्टिंग को किसी न किसी बहाने से चुनौती देने की कोशिश की जा रही है।
जजों ने आगे कहा- पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन का दिखावटी रंग देकर और चालाकी से ड्राफ्टिंग करके एक झूठा कारण बनाकर, पांच याचिकाकर्ताओं ने एक ऐसा मकसद हासिल करने की कोशिश की है, जो पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन के तहत मुमकिन नहीं है।
PIL को खारिज करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ताओं को तीन हफ्तों के अंदर ओडिशा स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी में 50,000 रुपये जमा करने का निर्देश दिया।
इसके साथ, कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि यह रकम राज्य के जुवेनाइल होम्स में रहने वाले नाबालिगों को बेहतर सुविधाएं और सहूलियतें देने के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
कोर्ट ने आगे कहा कि ट्रांसफर और पोस्टिंग पूरी तरह से प्रशासनिक मामले हैं। ट्रांसफर सर्विस का एक हिस्सा है। सरकारी नौकरी के संबंध में, यह अथॉरिटी के अधिकार क्षेत्र में है कि वह जनता के बड़े हित में अपने अधिकारियों को जिले के भीतर किसी भी जगह पोस्ट करे।
आदेश में आगे कहा गया है कि किसी अधिकारी की पोस्टिंग, भले ही ट्रांसफर के जरिए हो, सर्विस ज्यूरिस्प्रूडेंस के दायरे में आती है क्योंकि इस संबंध में फैसला लेने के लिए अथॉरिटी सबसे सही व्यक्ति होती है।
बेंच ने PIL को गवर्नेंस और एडमिनिस्ट्रेशन में दखल देने से रोकने की चेतावनी दी। अदालत ने कहा- जनहित याचिका को इतना ज्यादा नहीं खींचा जा सकता कि वह अथॉरिटी के एडमिनिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट में दखल दे।
कोर्ट ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों को अनुमति देने से अराजकता फैलेगी और कहा कि मुट्ठी भर लोग अपने कर्मचारियों या अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के मामले में सरकार को निर्देश देने के इरादे से कोर्ट नहीं आ सकते।
याचिकाकर्ताओं के इस दावे को खारिज करते हुए कि सरकारी गाइडलाइंस अधिकारियों को उनके गृह नगर में पोस्ट किए जाने से रोकती हैं, कोर्ट ने कहा कि एक बनावटी कारण बनाया गया है।
Updated on:
22 Jan 2026 11:11 am
Published on:
22 Jan 2026 11:09 am
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