
भारतीय सेना सैन्य अभ्यास करती हुई। ( फोटो: IANS)
Military Exercise: भारत की सशस्त्र सेनाओं ने हाल ही में एक विशेष सैन्य अभ्यास (Anti-Terror Exercise) किया है, जिसमें आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करने और हाईजैक की गई बस को छुड़ाने की ट्रेनिंग (Hijack Rescue Drill) पर जोर दिया गया। यह अभ्यास देश की सुरक्षा को और मजबूत बनाने का एक बड़ा कदम है। अब आतंकवादी भारत पर बड़े हमले (Counter Terrorism) की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे, क्योंकि सेना हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह अभ्यास (Indian Army Training) विभिन्न परिस्थितियों में किया गया, जहां सैनिकों ने आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला करने की प्रैक्टिस की। साथ ही, अगर कोई आतंकवादी बस या वाहन हाईजैक करने की कोशिश करे, तो उसे कैसे बेअसर किया जाए और यात्रियों को सुरक्षित निकाला जाए (Security Drill), इसकी पूरी रणनीति दिखाई गई। अभ्यास में आधुनिक हथियारों, ड्रोन और टीम वर्क का इस्तेमाल किया गया, जिससे सेना की तैयारी का स्तर साफ नजर आया।
भारत में सुरक्षा बलों की यह कोशिश बताती है कि अब कोई भी दुश्मन ताकत देश की सीमाओं या अंदरूनी इलाकों में घुसकर हमला करने की सोचेगा, तो उसे मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। सेना ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। चाहे सीमा पर हो या शहरों में, हर खतरे को पहले ही खत्म करने की क्षमता विकसित की जा रही है।
इस तरह के अभ्यास से न सिर्फ सैनिकों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि आम नागरिकों में भी सुरक्षा का भरोसा मजबूत होता है। देश की सेना लगातार ऐसी ट्रेनिंग कर रही है, जिससे आतंकियों की हर चाल नाकाम हो जाए। हाईजैक जैसी घटना में बस छुड़ाने का अभ्यास देखकर लगता है कि अब कोई भी ऐसी कोशिश करेगा, तो उसके छक्के छूट जाएंगे।
सेना के जवान दिन-रात मेहनत कर रहे हैं ताकि देश सुरक्षित रहे। यह अभ्यास सिर्फ एक ड्रिल नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ मजबूत इरादे का प्रतीक है। भारत अब पहले से कहीं ज्यादा सशक्त और तैयार है। ( इनपुट: IANS)
Updated on:
13 Mar 2026 06:02 pm
Published on:
13 Mar 2026 06:01 pm
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