
विदेश मंत्री एस जयशंकर
Iran Israel War: ईरान ने BRICS को लेकर भारत से गुहार लगाई है। ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव और युद्ध के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से टेलीफोन पर अहम बातचीत की। यह बातचीत 12 या 13 मार्च 2026 को हुई, जो हाल के संघर्ष के बाद दोनों नेताओं के बीच चौथी बार हुई। अराघची ने जयशंकर को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और आक्रामक कार्रवाइयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता व सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ा है। ईरान ने अपने स्वरक्षा के वैध अधिकार पर जोर दिया।
मुख्य रूप से, अराघची ने BRICS की भूमिका पर फोकस किया। उन्होंने कहा कि BRICS (जिसकी इस साल भारत अध्यक्षता कर रहा है) को मौजूदा संकट में रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए। ईरान ने गुहार लगाई कि BRICS देश मिलकर क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा दें, बहुपक्षीय सहयोग मजबूत करें और संघर्ष पर प्रभाव डालें। ईरान चाहता है कि BRICS जल्द कोई बयान जारी करे या सक्रिय कदम उठाए।
जयशंकर ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों की बात की। भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और जहाजों के सुरक्षित मार्ग (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर भी चर्चा की, जहां कुछ राहत मिली है। यह बातचीत मध्य पूर्व संकट के बीच भारत की सक्रिय कूटनीति को दिखाती है। ईरान BRICS मंच से समर्थन चाहता है, जबकि भारत संतुलित रुख बनाए रख रहा है।
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पदभार संभालने के बाद अपना पहला बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने देश के संघर्ष को जारी रखने की कसम खाई। ईरानी शासन ने तत्काल आत्मसमर्पण या पतन के कोई संकेत नहीं दिखाए हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष तेज होने पर खामेनेई ने कई चेतावनियां दीं। ईरानी सरकारी टेलीविजन पर एक समाचार एंकर द्वारा पढ़े गए बयान में उन्होंने कहा, 'बदला लेना हमारी प्राथमिकता है, जब तक कि यह पूरी तरह से हासिल न हो जाए।'
Updated on:
13 Mar 2026 04:31 pm
Published on:
13 Mar 2026 03:42 pm
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