ओडिशा के समुद्र तट से टकराने के बाद गति में कुछ कमी आएगी...
(भुवनेश्वर):चक्रवाती तूफान फानी शुक्रवार को सवेरे 10 से 12 बजे के बीच ओडिशा के तट से टकराएगा। यह जानकारी विशेष राहत आयुक्त के प्रवक्ता संग्राम महापात्रा ने दी। बताया गया है कि यह 180 से 200 किमी. प्रतिघंटे की रफ्तार से तट पर टकराएगा। तेज हवाएं और बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुभाग के अनुसार ओडिशा आते-आते इसकी गति पहले 70 से 80 किमी.प्रति घंटा होगी। तट पर आते आते तेज हो जाएगा। पुरी के दक्षिण और दक्षिण पश्चिम क्षेत्र के तट पर 11.30 बजे आ सकता है। अभी 360 किमी.दूरी पर है। पुरी में एक लाख 4 हजार लोगों को तटीय इलाकों से हटाकर अन्यत्र ले जाया गया। पुरी में ऐसे 97 गांव हैं जो समुद्री तूफान के चपेट में आ सकते थे। राज्य ने 178 साइक्लोन सेंटर खोले हैं। इसके अलावा 35 स्कूल और कालेजों के भवन खाली कराके वहां पर राहत केंद्र खोले गए हैं। छह एनडीआरएफ और पांच ओडीआरएएफ की टीम पुरी में लगायी गयी हैं।
ओडिशा के समुद्र तट से टकराने के बाद गति में कुछ कमी आएगी। ओडिशा सरकार ने चक्रवात फानी से निपटने की सारी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और मुख्यसचिव एपी पाढी खुद तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। तैयारियों के सुपरविजन के लिए 12 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तैनात किए गए हैं। कलक्टरों को हाई अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्वतट रेलवे ने कुल 103 गाड़ियों का आवागमन 2 मई से बंद कर दिया है। बलंगीर, कालाहांडी, कोरापुट, मलकानगिरि, नवरंगपुर में आज 4 से 8 बजे के दौरान भारी बारिश व बज्रपात की भविष्यवाणी की गयी है। फानी जगतसिंह पुर, कटक (नियाली), जाजपुर, भद्रक, बालासोर, मयुरभंज पर भारी असर डालेगा। यहां से वह पश्चिम बंगाल की तरफ बढ़ेगा। पर तब तक इसकी गति धीमी हो चुकी होगी। देश के समुद्र सूचना केंद्र (आइएनसीओआइएस) के अनुसार पुरी के दक्षिण क्षेत्र नजदीक के ही गोपालपुर (गंजाम) तट पर इसका असर सबसे पहले दिखेगा। बताया गया है कि फानी के कारण सबसे ऊंची समुद्री लहरे गोपालपुर में दिखेंगी। करीब दस किलोमीटर एरिया में ये लहरे 8 से9 मीटर ऊंची होंगी। इससे ज्यादा भी संभव है।
जगन्नाथ धाम पुरी में देश दुनिया से आए पर्यटक घरों को लौट गए हैं या फिर किसी अन्य स्थान को रवाना हो गए हैं। पुरी के होटल और अतिथि गृह आदि लगभग खाली पड़े हैं। समुद्र तट के होटलों में सन्नाटा पसरा है। पूर्व-तट रेलवे क्षेत्र में 103 ट्रेंनों का आवागमन रद्द कर दिया गया है। कुछ का रूट बदल दिया गया है।
भद्रक और विजयनगरम की सभी ट्रेने दो मई सुबह से ही रद्द हैं। ओडिशा शासन ने राहत और पुनर्वासन के लिए 12 आईएएस अधिकारियों को तैनात किया है। इनके काम बांट दिए गए हैं। इनकी सक्रियता राज्य के नौ तटीय जिलों में रहेगी। अधिकारियों को अपने-अपने तैनाती स्थल पर जाने को कहा गया है। राहत आयुक्त विष्णुपद सेठी ने बताया कि फानी से निपटने की तैयारियां पूरी कर ली गयी है। मुख्यमंत्री ने जीरो कैजुवल्टी का टारगेट दिया है। यानी फानी के कारण किसी की जान न जाने दी जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों को खाली कराया जा रहा है।