
भुवनेश्वर: केंद्रीय मोदी सरकार के पहले कार्याकाल में कालेधन की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने चुनाव के दौरान काम में लिए जाने वाली राशि को भी जांच के दायरे में लिया है। एसआईटी के उपाध्यक्ष जस्टिस अरिजीत पसायत ने शनिवार को कटक निवास पर हुई बैठक में चुनाव में प्रयोग किए जाने वाले कालेधन पर विशेष चर्चा की।
बताया जाता है कि पहली बार उन्होंने चुनाव आयोग के प्रतिनिधि को भी तलब किया। बैठक के बाद जस्टिस पसायत ने बताया कि चुनाव में कालाधन खर्च किए जाने की शिकायतें मिली हैं। विभिन्न राज्यों की पुलिस और आयकर अधिकारियों ने भारी मात्रा में नकदी, आभूषण और ड्रग्स जब्त किए थे। इसकी रिपोर्ट भी एसआईटी को दी गई है। 2019 में हुए चुनाव के दौरान खर्च को पहली बार एसआईटी ने संज्ञान में लेकर यह जांच करेगी। एसआईटी ने अब तक छह रिपोर्टें सुप्रीमकोर्ट को सौंपी है। सातवीं रिपोर्ट दो महीने के भीतर सौंप दी जाएगी। इनकम टैक्स के छापों के दौरान रिकवरी और रिपोर्टों पर भी एसआईटी छानबीन करेगी।
सूत्रों से पता चला है कि है एसआईटी ने छठी रिपोर्ट सौंपने के दौरान तक 70 हजार करोड़ रुपए को कालेधन का पता लगाया है। इसमें भारतीयों द्वारा विदेशी बैंकों में जमा 16 हजार करोड़ रुपया भी शामिल है। यह भी पता चला है कि एसआईटी ने कालाधन की जांच के लिए अपनी अंतरिम रिपोर्ट में सुझाव भी दिए हैं, इनमें से कुछ को सरकार ने माना भी है। कुछ सिफारिशें कालेधन पर शिकंजा कसने को विचाराधीन भी हैं।
Updated on:
09 Mar 2020 01:23 pm
Published on:
07 Mar 2020 10:13 pm

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