
shree jagarnath ji
महेश शर्मा की रिपोर्ट...
(भुवनेश्वर): जगन्नाथ पुरी के महाप्रभु महाखजाने की चाबी के असली होने पर सवाल उठाये जाने के बीच श्रीमंदिर के पूर्व प्रशासक रवींद्र मिश्रा ने कहा कि रिकार्ड रूम में पायी जाने वाली चाबी ही असली है। उसके नकली होने पर नाहक सवाल उठाए जा रहे हैं। सन 1985 में आखिरी बार भीतरी रत्नभंडार खोला गया था तब मिश्रा ही प्रशासक थे। उनका कहना है कि कोई डुप्लीकेट चाबी नहीं है।
मिश्रा ने बताया कि कुछ मरम्मत कार्य के लिए उन्होंने खुद भीतरी रत्नभंडार (इनर चैंबर) खोला था। ताले पर सील लगाकर चाबी को भी लिफाफे में सील करके कोषागार में उनकी निगरानी में रखवाया गया था। अब वहां से रिकार्ड रूम तक चाबी कैसे पहुंची मालूम नहीं। उन्होंने कहा कि उस समय पुरी के अपरजिलाधिकारी मदनमोहन नंदा चाबी हस्तांतरण के दौरान उपस्थित थे। वह जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में थे। मिश्रा कहते हैं कि रत्नभंडार सील होने बाद नंदा ही चाबी ले गए थे।
यह कहना है सियासतदारों का
दूसरी तरफ बीजद के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री दामोदर राउत ने बताया कि डुप्लीकेट चाबी जिसे नकली कहा जा रहा है उसकी प्रमाणिकता क्या है। डुप्लीकेट तो तभी बनेगी जब ओरिजिनल चाबी होगी। सील लिफाफे में यह नहीं लिखा कि रत्नभंडार भीतरी हिस्सा आखिरी बार कब खोला गया। पूर्व कानून मंत्री विश्वभूषण हरिचंदन ने कहा कि ऐसा लगता है कि जैसे बीजद सरकार कुछ छिपाना चाहती है। उनका कहना है कि रत्नभंडार की चाबी रिकार्ड रूम में कभी नहीं रखी गयी। और नियमानुसार डुप्लीकेट चाबी होने का तो सवाल ही नहीं उठता।
राज्य सरकार के कानून मंत्री प्रताप जेना का कहना है कि न्यायिक जांच कमीशन अपना काम करेगा। निर्धारित अवधि में रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जा सकेगा। न्यायिक जांच कमीशन के चेयरमैन रघुबीर दास का कहना है कि जो भी चाबी प्रकरण पर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनके जवाब खोजे जाएंगे। कमीशन अपनी रिपोर्ट सरकार को अगस्त तक सौंप देगा।
कुप्रबंध से बचाएं श्रीमंदिर को
पुरी की गोवर्द्धनपीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद का कहना है कि चाबी का गुम होना फिर डुप्लीकेट चाबी का कोषागार के बजाय रिकार्ड रूम में मिलना लोगों में संदेह का कारण संभव हो सकता है। सरकार श्रीमंदिर को कुप्रबंधन से बचाए और चाबी पर सच्चाई को सामने लाए ताकि जगन्नाथ भक्तों के मन का संशय दूर किया जा सके। जांच में जो भी रिपोर्ट आए उसे सार्वजनिक किया जा सके।
मुख्यमंत्री की चुप्पी की वजह क्या है?
ओडिशा में भाजपा का चेहरा कहे जाने वाले केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा रत्नभंडार प्रकरण पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की चुप्पी का आखिर क्या कारण है। उनका बयान जनता के सामने आना चाहिए। यह भक्तों की संवेदनाओं के साथ ही श्रीमंदिर प्रशासन की भूमिका का सवाल है। उनका कहना है कि पटनायक चुप्पी टूटनी चाहिेए। वह जनता के समक्ष चाबी पर अपना बयान रखें।
Published on:
16 Jun 2018 02:25 pm

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