(भुवनेश्वर/मलकानगिरि): मरीज की हालत गंभीर होने या फिर मौत हो जाने पर लोग अक्सर डाक्टरों की लापरवाही बताकर हंगामा करते हैं पर यहां नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाके मलकानगिरि में एक ऐसा उदाहरण भी सामने आया जिसमें डाक्टर ने मरीज की हालत गंभीर होते देख उसे चारपाई पर लिटाकर खुद ही कंधे पर पांच किलोमीटर चलकर एंबुलेंस तक ले गए जहां से उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
इस रास्ते में एंबुलेंस का आना मुश्किल हो रहा था। जानकारी के अनुसार खैरापुर ब्लॉक के नुआगडा गांव का 12 वर्षीय बालक कुम्नू किरसानी भीषण ज्वर से पीड़ित था। उसके परिवार के लोगों ने उसे अस्पताल तक ले जाने को एंबुलेंस के लिए फोन किया।
गांव के रास्ते खस्ताहाली के कारण एंबुलेंस का आना नामुमकिन हो रहा था। तभी आरोग्य प्लस एनजीओ के लिए काम करने वाले डा.शक्तिप्रसाद मिश्रा ने आनन-फानन में चारपाई मंगाई और ज्वर से पीड़ित नाबालिग को लिटाकर लोगों की मदद से पांच किलोमीटर दूर अस्पताल के लिए लेकर चल पड़ा। पांच किलोमीटर दूरी पर सड़क पर एंबुलेंस मिली जिसमें उसे लिटाकर मलकानगिरि अस्पताल ले जाया गया।