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सास और ननद ने ली ऐसी शपथ कि बहू फूले नहीं समा रही क्या है बात जानने के लिए पढ़े खबर

जिले में कुपोषण तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर मे कमी करने हेतु 650 आंगनबाड़ी केन्द्रों में सास-बहू सम्मलेन का अयोजन। बहू का सुरक्षित प्रसव कराने की सास-ननद ने ली शपथ

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ajay shrivastav

Jul 18, 2017

saas bahu sammelan

saas bahu sammelan

बीजापुर.
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित सास-बहू सम्मेलन को जिले भर में बेहतर प्रतिसाद मिला। सम्मेलन में सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में नव विवाहिताओं तथा गर्भवती महिलाओं के साथ उनकी सास, जेठानी व ननदों ने शिरकत कर उनकी नियमित जांच तथा डॉक्टरी परीक्षण मे सहयोग करने का भरोसा दिलाया। सम्मेलन में सास-बहू के अलावा स्वास्थ्य विभाग की एएनएम, आंगनबाडी कार्यकर्ता, आंगनबाडी सहायिका व सुपरवाइजर ने हिस्सा लेकर मनोरंजक गतिविधियां की।

नवविवाहिता जो मां बनना चाहती है
जिले में कुपोषण तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर मे कमी करने हेतु 650 आंगनबाड़ी केन्द्रों में सास-बहू सम्मलेन का अयोजन किया गया। सम्मेलन के माध्यम से नवविवाहिता जो मां बनना चाहती है, जो तत्काल मां नहीं बनना चाहती है तथा शिशुवती माता जो बच्चे को दूध पिलाती है को रक्त अल्पता प्रसव उपरांत समुचित देखभाल एवं बच्चों में कुपोषण मे कमी लाने के प्रबंधन बताए गए।


धारणाओं को बदलने की सलाह
यहां एएनएम एवं सुपरवाइजर द्वारा सास एवं बहू से अलग अलग चर्चा कर परिवार नियोजन, बर्थ कंट्रोल एवं गर्भधारण की इच्छा तथा स्वास्थ्य संबधी मुद्दों पर अलग-अलग चर्चा की गई। जो नवविवाहिता गर्भधारण करने के इच्छुक है उन्हे अपनायी जाने वाली सावधानियां खान-पान एवं विभिन्न भ्रांतियों के विषय में अवगत कराया गया। जिले के समुदायों में हल्बा, तेलगू, मुस्लिम, महार, मुरिया आदि जातियों के समूहों केा प्रसव के पहले व प्रसव के पश्चात धारणाओं को बदलने की सलाह दी गई। सास और बहू के बीच प्रश्नोत्तरी का खेल आयोजित किया गया।


मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने सम्मेलन उपयोगी

सास-बहू सम्मेलन का आयोजन जिले के 650 आंगनबाड़ी केन्द्रों में किया गया जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, एएनएम, मितानिन व सुपरवाइजरों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। जिले में मातृ-शिशु दर एवं बच्चों में कुपोषण की समस्या को दूर करने सास बहू सम्मेलन प्रत्येक तिमाही में आयोजित किया जा रहा है जिसके साकारात्मक परिणाम क्षेत्र में दिखने लगे है। इन आयोजनों में सास और बहू दोनों को डाइट तथा टीकाकरण के संबंध में विशेष जानकारी दी जा रही है।