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Rajasthan Minerals : राजस्थान की बल्ले बल्ले, धरती से निकला खजाना, जिंक-चांदी खनन से सरकार की हुई खूब कमाई

Rajasthan Minerals : राजस्थान की बल्ले बल्ले। राजस्थान की धरती में छिपा खनिज राज्य सरकार की आय का बड़ा स्रोत बनता जा रहा है। जिंक के खनन से सरकार को अब तक करीब 2,131 करोड़ रुपए की रॉयल्टी प्राप्त हुई है। वहीं, चांदी के उत्पादन से 648 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है।

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Rajasthan Minerals Lucky Treasures from earth government earned a lot from zinc Silver mining

फोटो पत्रिका

Rajasthan Minerals : राजस्थान की धरती में छिपा खनिज राज्य सरकार की आय का बड़ा स्रोत बनता जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष के 11 माह में खनन से सरकार को 9,135 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिल चुका है। यह गत वर्ष से 936.28 करोड़ रुपए अधिक है। इनमें मेजर मिनरल श्रेणी में जिंक सबसे बड़ा राजस्व स्रोत बनकर उभरा है। जिंक के खनन से सरकार को अब तक करीब 2,131 करोड़ रुपए की रॉयल्टी प्राप्त हुई है।

वहीं, चांदी के उत्पादन से 648 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है। खनन विभाग के आंकड़ों के अनुसार मेजर मिनरल में जिंक के बाद लाइमस्टोन (सीमेंट ग्रेड) दूसरा बड़ा राजस्व स्रोत है, जिससे 707 करोड़ रुपए की रॉयल्टी प्राप्त हुई है। इसके अलावा लेड, रॉक फॉस्फेट, फेल्सपार और कॉपर जैसे खनिज भी राज्य की आय में अहम योगदान दे रहे हैं।

चांदी के भाव बढ़े तो राजस्व भी दोगुना

प्रदेश में चांदी का उत्पादन भी बड़े पैमाने पर हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेजी के साथ चांदी से मिलने वाला राजस्व भी तेजी से बढ़ा है। पिछले वित्तीय वर्ष में 11 माह में चांदी से 295 करोड़ रुपए की रॉयल्टी मिली थी, जबकि इस साल इसी अवधि में यह बढ़कर 648 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।

बजरी चर्चा में सबसे ज्यादा, राजस्व में बेहद पीछे

प्रदेश में बजरी खनन अक्सर विवाद और राजनीतिक बहस का विषय बना रहता है, लेकिन राजस्व के लिहाज से इसका योगदान बेहद कम है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक बजरी से केवल 103 करोड़ रुपए की रॉयल्टी ही प्राप्त हुई है। माना जाता है कि बजरी के अवैध कारोबार से असली कमाई माफिया कर रहे हैं, जबकि आम जनता को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं।

अन्य खनिजों से भी प्रदेश को मिल रही आय

माइनर मिनरल श्रेणी में मेसेनरी स्टोन से सरकार को सर्वाधिक कमाई हुई है। इस खनिज से 11 माह में 678 करोड़ रुपए की रॉयल्टी प्राप्त हुई है। इसके अलावा गारनेट, ग्रेनाइट, मार्बल, लाइमस्टोन (बर्निंग) और सैंड स्टोन सहित कई अन्य खनिजों से भी राज्य को अच्छी आय मिल रही है।

खनन बढ़ा, रॉयल्टी भी बढ़ी खजाना (रॉयल्टी राशि करोड़ रुपए में)

मेजर मिनरल
खनिज - वर्ष 2025 - वर्ष 2026
जिंक - 2128.52 - 2131.40
लाइम स्टोन - 672.20 - 707.15
लेड - 318.42 - 470.08
चांदी - 295.74 - 648.71
तांबा - 27.26 - 36.00
आयरन ओर - 79.04 - 68.83
फेल्सपार - 115.91 - 134.31
रॉक फाॅस्पेट - 102.80 - 107.53
(लिग्नाइट, आयरन ओर, क्वार्टस, माइका में राजस्व गत वर्ष से कम मिला है।)

माइनर मिनरल
खनिज - वर्ष 2025 - वर्ष 2026
मार्बल - 247.76 - 258.60
लाइम स्टोन (बर्निंग) - 168.17 - 186.64
सैंड स्टोन - 144.65 - 194.24
बाल क्ले - 85.55 - 96.71
बजरी - 50.81 - 103.09
चाइना क्ले - 29.55 - 40.51
(मेसेनरी स्टोन, ग्रेनाइट, जिप्सम, सिलिका सैंड, सोप स्टोन में राजस्व गत वर्ष से कम मिला।)

गत पांच वर्ष में खनिज से भरा खजाना

वर्ष - राशि (करोड़ रुपए में)
2022-23 - 6470.14
2023-24 - 6597.69
2024-25 - 8198.91
2025-26 - 9135.19।