
इलमिडी धान उपार्जन केंद्र
Paddy procurement center: जिले में 1 नवंबर से सभी धान उपार्जन केन्द्रों में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई थी किंतु विलंब से होने वाले फसल कटाई और मिंजाई के चलते धीरे धीरे किसान उपार्जन केन्द्रों में पहुंच रहे हैं। नवंबर महीना खत्म होने के बाद भी जिले के तीन ऐसे उपार्जन केन्द्र रहे जो स्थानीय आदिवासी पंडूम के चलते मिंजाई नही कर सके थे। जिनमे इलमिडी, तोयनार और पामेड़ धान उपार्जन केन्द्र (Bijapur)शामिल रहे हैं।
सोमवार को इलामिडी धान उपार्जन केन्द्र में उस समय हल चल मच गई जब संकनपल्ली के किसान रमेश यालम ने धान बेचने टोकन लिया। धान बेचने लाए किसान रमेश यालम का जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम ने फूल माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान धान तौल मशीन की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान जनपद अध्यक्ष अनीता तेलम, रत्ना सोढी, आवापल्ली सरपंच मीनाक्षी नोल्ली, शंकर खटबिना, परीक्षित केजी, गौरैया मरकाम, इलमिडी सरपंच रामचंद्रन सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
इस दौरान कमलेश कारम ने किसानों को संबोधित करते कहा कि प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल और बीजापुर(Bijapur) विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में सरकार किसानों को उनके उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज उसी का परिणाम है कि राजीव किसान न्याय योजना के तहत बिना बिचौलियों के सीधा किसानों के खाते में राशि पहुंच रही है।
पहले दिन की बोहनी में 179 क्विंटल
इलमिडी उपार्जन केंद्र(Bijapur) में बोहनी के बाद दो और किसानों ने अपना धान बेचा। जिसमे रमेश यालाम ने 26 क्विंटल और दो अन्य किसानों को मिलाकर आज कुल 179.2 क्विंटल का उपार्जन किया गया।
जिला खाद्य अधिकारी गणेश कुर्रे ने बताया कि इलमिडी में आज किसानों ने धान लाना शुरू कर दिया है। तोयनार उपार्जन केंद्र में भी टोकन कटे हैं पर अभी जानकारी नहीं मिली है। पामेड़ में अभी शुरू होने में समय लगेगा।
Published on:
12 Dec 2022 06:40 pm

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