School open in the village: नक्सल हिंसा से जूझते बीजापुर(Bijapur)जिले में बंद स्कूलों को फिर से खोलने की कवायद में जुटे प्रशासन ने सोमवार को मनकेली में स्कूल खोल कर सौ बच्चों को प्रवेश दिलाया। गौरतलब है की वर्ष 2005 में सलवा जुडूम अभियान के दौरान नक्सलवादियों ने मनकेली गांव के स्कूल को निशाना बनाते हुए ढहा दिया था।
School open in the village: नक्सल हिंसा से जूझते बीजापुर जिले में बंद स्कूलों को फिर से खोलने की कवायद में जुटे प्रशासन ने सोमवार को मनकेली(Bijapur) में स्कूल खोल कर सौ बच्चों को प्रवेश दिलाया। गौरतलब है की वर्ष 2005 में सलवा जुडूम अभियान के दौरान नक्सलवादियों ने मनकेली गांव के स्कूल को निशाना बनाते हुए ढहा दिया था। जिसके बाद से वह स्कूल बंद रहा।
सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी मो जाकिर खान, बीआरसी कामेश्वर दूब्बा, पंचायत सचिव तिरुपति कुडियम और शैक्षिक समन्वयक एम गटैया ग्राम मनकेली(Bijapur) पहुंचे जहां ग्राम प्रमुख पूनेम सुक्कू, सरपंच लखु उरसा, गायता मोड़ियम लखु ने पारंपरिक आदिवासी रीति से पूजा के बाद फीता काट कर उसी स्थान पर स्कूल का शुभारंभ किया।
स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने की मांग
बीईओ खान ने बताया की अब शिक्षा से शांति बहाली और विकास की राह आसान होगी। ग्रामीणों की लंबे समय से मांग थी की उनके गांव में फिर से स्कूल शुरू हो। जिले के कलेक्टर राजेंद्र कटारा की मंशानुरूप नव प्रवेशी छात्रों को गणवेश स्कूल बस्ता बैग इत्यादि की तैयारियों के साथ वहां पहुंचे थे। ग्रामीणों ने शालेय टीम का स्वागत किया। मनकेली गांव अब दहशत और आतंक की बजाए शांति और विकास का पर्याय बनने की ओर अग्रसर है। ग्रामीणों ने अब यहां स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने की मांग की है।
पुस्तकें, गणवेश और स्कूल बैग दिया
सोमवार को शुरू हुए स्कूल(Bijapur) में 100 छात्रों ने प्रवेश लिया। जिन्हे पुस्तकें, गणवेश और स्कूल बैग प्रदान किया गया। इस दौरान बच्चों को मध्यान्ह भोजन और ग्रामीणों के बीच सामूहिक भोज रखा गया था। नए खुले स्कूल में गांव के ही शिक्षित युवा अशोक मोड़ियम को ज्ञानदूत रखा गया। छात्रों की संख्या देखते हुए दो ज्ञान दूत रखे जाने की मांग की जिसे वहां मौजूद अधिकारियों ने प्रशासन को अवगत कराने को आस्वस्त किया। इस दौरान गोरना और मनकेली (Bijapur)के बीच व्हालीबाल मैच भी कराया। बीईओ, बीआरसी और पंचायत सचिव ने पारितोषिक प्रदान किया।