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पांच साल पुराने मर्डर में कोर्ट का बड़ा फैसला: दो सगे भाइयों समेत 6 दोषियों को उम्रकैद, परिवार बोला- अब मिला इंसाफ

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पांच साल पुराने हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो सगे भाइयों सहित छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

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High Court orders Singrauli Municipal Corporation to convene a meeting within 30 days

Image Source - Pexels

5 year old murder case Bijnor: यूपी के बिजनौर के धामपुर थाना क्षेत्र में पांच साल पुराने सनसनीखेज हत्या मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। पैसों के विवाद में की गई केहर सिंह की निर्मम हत्या में दो सगे भाइयों समेत छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। अपर जिला जज राम अवतार यादव ने न केवल दोषियों को उम्रकैद सुनाई, बल्कि सभी पर कुल 3 लाख 54 हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया है।

28 जुलाई 2020 को दर्ज हुई थी FIR

लोक अभियोजक जितेंद्र पाल सिंह राजपूत के अनुसार, ग्राम पांडली मांडू निवासी मृतक केहर सिंह की बेटी सीमा कुमारी ने 28 जुलाई 2020 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपनी तहरीर में उसने बताया था कि आरोपी सुनील उर्फ रामू, गोलू उर्फ ऋतिक, सुलभ उर्फ रानू, बंटी उर्फ नरेंद्र, विपिन और रूपेंद्र उर्फ रिंकू उसके घर पहुंचे और पैसों को लेकर गाली-गलौज करने लगे। आरोपियों का कहना था कि वे रोज पैसे मांगते हैं, लेकिन केहर सिंह नहीं दे रहे और उसी दिन उन्होंने धमकी दी, आज हम तुझे जिंदा नहीं छोड़ेंगे।

घर से घसीटकर बाहर ले गए

सीमा के मुताबिक, आरोपी उसके पिता को जबरन घर से घसीटकर बाहर लाए और रास्ते में लाठी-डंडों और पत्थरों से लगातार पिटाई करते हुए डॉक्टर पवन की दुकान तक ले गए। इसी दौरान आरोपियों ने अपने हाथों में लिए तमंचों से केहर सिंह के सीने में गोली मार दी। गंभीर अवस्था में घायल किसान को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में चली लंबी सुनवाई

घटना के बाद पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। अदालत ने ट्रायल के दौरान सभी गवाहों और सबूतों की गहन जांच की। 4 नवंबर को कोर्ट ने सभी आरोपियों को जेल से तलब कर दोषी करार दिया और 8 दिसंबर को फैसला सुनाने की तारीख निर्धारित की। अदालत ने सभी छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

दोषियों के चेहरे पर नहीं दिखा कोई डर

फैसला सुनते ही अदालत परिसर में मौजूद दोषियों के परिजन रोने-पीटने लगे। कई महिलाएं जमीन पर बैठकर विलाप करने लगीं, जबकि पुरुषों ने न्यायालय के बाहर अधिकारियों से गुहार लगाई। इसके विपरीत, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छहों दोषियों के चेहरे पर कोई डर, तनाव या पछतावा नज़र नहीं आया। वे पूरी सुनवाई के दौरान सामान्य और शांत दिखाई दिए। लंबे समय से न्याय की राह देख रहे मृतक के परिजन अदालत के फैसले से संतुष्ट दिखे और इसे न्याय की जीत बताया।

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