
बिजनौर में गैस सिलेंडर का संकट गहराया..
LPG gas cylinder crisis Bijnor: बिजनौर में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। शहर में गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी दोनों ही प्रक्रियाओं में गंभीर बाधाएं सामने आ रही हैं। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और लोग घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले मोबाइल के जरिए आसानी से सिलेंडर बुक कर डिलीवरी मिल जाती थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है और गैस प्राप्त करना मुश्किल होता जा रहा है।
माना जा रहा है कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसी वजह से कई स्थानों पर गैस सिलेंडर की उपलब्धता कम हो गई है। बिजनौर की गैस एजेंसियों पर भी इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है। शहर में सिलेंडर की मांग बढ़ गई है जबकि आपूर्ति सामान्य नहीं हो पा रही है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर बुकिंग के लिए 25 दिन का नियम लागू किया गया है, लेकिन जब 25 दिन पूरे हो जाते हैं तब भी बुकिंग नहीं हो पा रही है। कई लोगों का आरोप है कि बुकिंग के समय सर्वर डाउन हो जाता है या फोन नंबर लगातार व्यस्त मिलता है। इससे लोगों को बार-बार कोशिश करनी पड़ती है, लेकिन फिर भी बुकिंग सफल नहीं हो पाती।
कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि उनकी बुकिंग तो हो जाती है, लेकिन ओटीपी न मिलने के कारण सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो पा रही है। डिलीवरी प्रक्रिया में ओटीपी जरूरी होने से लोगों को कई बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस तकनीकी समस्या ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है और कई परिवारों को रसोई गैस के बिना दिन गुजारने पड़ रहे हैं।
गैस की समस्या के चलते शहर की एजेंसियों और गोदामों पर सुबह से ही भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। कई उपभोक्ता घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। पहले जहां लोग घर बैठे मोबाइल से बुकिंग कर लेते थे और डिलीवरी मैन घर तक सिलेंडर पहुंचा देता था, वहीं अब लोगों को खुद एजेंसी पहुंचकर जानकारी लेनी पड़ रही है।
बिजनौर शहर में मुख्य रूप से तीन गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं। बिजनौर गैस एजेंसी इंडेन, वीएसएम गैस एजेंसी एचपी और कुच्छल गैस एजेंसी इंडेन। इन एजेंसियों से शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। आपूर्ति में कमी और तकनीकी समस्याओं के कारण इन एजेंसियों पर काम का दबाव भी काफी बढ़ गया है।
कई उपभोक्ताओं को केवाईसी से जुड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। जिन लोगों के पुराने मोबाइल नंबर बंद हो चुके हैं, उन्हें केवाईसी अपडेट कराने के लिए एजेंसी पर पहुंचना पड़ रहा है। इसके कारण एजेंसियों पर अतिरिक्त भीड़ दिखाई दे रही है और लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
Published on:
12 Mar 2026 03:07 pm
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