
प्रतीकात्मक तस्वीर -एआइ
बिजनौर में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसने सोशल मीडिया ऐप के जरिए मिले निर्देशों का पालन करते हुए एक मंदिर के सामने खड़ी पिकअप गाड़ी को आग लगा दिया था। पकड़े गए आरोपी के पास से पुलिस को ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं जो किसी बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहे हैं।
आरोपी अबुजर शमीम राईन मूल रूप से किरतपुर का रहने वाला है। वह गुरुग्राम में एक सैलून में काम करता है। पूछताछ में उसने चौकानें वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह आर्थिक तंगी और बीमारी से जूझ रहा है। उसने अपने हालात महाराष्ट्र में रहने वाले अपने रिश्तेदार 'जैद' से बताए। जैद ने उसे एक ऐप पर अबूबकर नामक व्यक्ति से बात करवाई। पुलिस की जांच में सामने आया है कि एक ऐप के जरिए अबुजर को विशेष समुदाय के वाहनों को निशाना बनाने के लिए उकसाया गया था। काम को पूरा करने के लिए अबुजर को भारी भरकम रकम का लालच भी दिया गया था।
इसके बाद आरोपी ने किरतपुर के मोहल्ला झंडा में मंदिर के सामने खड़ी एक पिकअप गाड़ी को चुना, जिस पर धार्मिक शब्द लिखे हुए थे। आरोपी ने पेट्रोल छिड़ककर गाड़ी में आग लगा दी और बाकायदा इस पूरी घटना का वीडियो बनाया। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने यह वीडियो सबूत के तौर पर उस ऐप पर भेजा, जिससे निर्देश मिले थे। इसके बाद गुरुग्राम भाग गया। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल से वे सभी वीडियो और चैट बरामद कर लिए हैं।
बिजनौर पुलिस के अनुसार, आरोपी 12 मार्च को किसी अन्य बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में वापस किरतपुर लौटा था, लेकिन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उस 'अबूबकर' और उसके पीछे सक्रिय पूरे सिंडिकेट की तलाश में जुट गई है जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेल रहे हैं। पुलिस यह भी जांच रही है कि इस साजिश के तार कहीं सीमा पार से तो नहीं जुड़े हैं।
Updated on:
13 Mar 2026 10:42 am
Published on:
13 Mar 2026 10:42 am
